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Saturday, 28 March, 2026
होमखेलब्रिज खेल में पीढ़ी के अंतर को कम करने में लगी हैं विद्या और कल्पना

ब्रिज खेल में पीढ़ी के अंतर को कम करने में लगी हैं विद्या और कल्पना

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हांगझोउ, एक अक्टूबर (भाषा) भारतीय युवा जिन खेलों में उतरना चाहते हैं ब्रिज अक्सर उसमें शामिल नहीं होता है लेकिन विद्या पटेल और कल्पना गुर्जर इस चलन को खत्म करना चाहती हैं और एशियाई खेलों के अनुभव ने उनकी इस मुहिम को बढ़ावा दिया है।

विद्या (22 वर्ष) और कल्पना (24 वर्ष) हांगझोउ में हिस्सा ले रही 18 सदस्यीय टीम की युवा खिलाड़ी हैं। इस टीम का सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 77 वर्षीय भारती डे है जबकि अन्य 12 सदस्य 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं।

लेकिन विद्या और कल्पना इस उम्र के अंतर को कम करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाना चाहती हैं कि इस खेल का ‘जुए’ से कोई लेना देना नहीं है।

विद्या ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह खेल है और हर कोई ब्रिज खेल सकता है। ऐसा नहीं है कि उम्रदराज लोग ही इसे खेलते हैं या युवा ही इसे खेलते हैं। आप अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हो जो किसी भी उम्रदराज या युवा के लिए समान ही है। मैं इस खेल में अपनी छाप छोड़ना चाहती हूं। ’’

दोनों खिलाड़ी मध्यप्रदेश के रायबिदपुरा गांव की हैं । कल्पना के पिता भी ब्रिज खिलाड़ी हैं बल्कि रायबिदपुरा को देश के ‘ब्रिज गांव’ के रूप में भी जाना जाता है जिसमें करीब 300 लोग सक्रिय रूप से ब्रिज खेलते हैं।

विद्या ने कहा, ‘‘मेरे पिता एक किसान हैं और हमारे पास एक छोटी सी जमीन है जो हमारी आय का साधन है। हमारे गांव में करीब 300 ब्रिज खिलाड़ी हैं और मैं जब छोटी थी तो अपने पिता के बड़े भाई के साथ इसे खेलती थी, तभी से मैंने इस खेल में आ गयी। ’’

विद्या ने कहा, ‘‘जब मैं आठवीं में आयी तो मैंने इस खेल को गंभीरता से लेना शुरू किया। कल्पना मेरे साथ खेलती है। ’’

भाषा नमिता मोना

मोना

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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