(भरत शर्मा)
हैदराबाद, 29 सितंबर (भाषा) भारत को ‘दुश्मन मुल्क’ कहने वाले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष जका अशरफ अब भारतीयों के आथित्य से अभिभूत हैं और उन्होंने कहा कि जिस तरह से पाकिस्तानी टीम का हवाई अड्डे पर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया उससे दोनों देशों के प्रशंसकों का खिलाड़ियों के प्रति प्यार का पता चलता है।
पाकिस्तान की टीम बुधवार को हैदराबाद पहुंची थी जो पिछले सात वर्षों में उसका भारत का पहला दौरा है।
इसी दिन पीसीबी ने अपने खिलाड़ियों के वेतन में वृद्धि की थी। इसके बाद अशरफ ने कहा कि केंद्रीय अनुबंध की धनराशि में बढ़ोतरी से विश्व कप खेलने के लिए ‘दुश्मन मुल्क’ जा रहे खिलाड़ियों को अतिरिक्त प्रेरणा मिलेगी।
अशरफ की यह अनर्गल टिप्पणी जल्द ही वायरल हो गई और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के पदाधिकारियों को भी उनका ऐसा रवैया अच्छा नहीं लगा। अशरफ ने शुक्रवार को इस पर स्पष्टीकरण दिया।
पीसीबी ने बयान में कहा,‘‘पीसीबी की प्रबंधन समिति के प्रमुख जका अशरफ ने कहा है कि विश्व कप के लिए भारत गई पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट टीम का शानदार स्वागत साबित करता है कि दोनों देशों के लोगों में एक-दूसरे के खिलाड़ियों के प्रति कितना प्यार है।’’
यह समझते हुए कि उनकी ‘दुश्मन मुल्क’ की टिप्पणी के गहरे अर्थ लगाए जा सकते हैं, अशरफ ने तुरंत ही इससे दूरी बना दी।
बयान में कहा गया है, ‘‘इस प्यार का पता हैदराबाद हवाई अड्डे पर आयोजित किए गए स्वागत समारोह से पता चलता है। जका अशरफ ने व्यक्तिगत रूप से इस तरह के स्वागत समारोह की व्यवस्था करने के लिए भारतीयों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान जब भी क्रिकेट मैदान पर उतरते हैं तो वह दुश्मन के रूप में नहीं बल्कि पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में एक दूसरे का सामना करते है।’’
भारत और पाकिस्तान की टीम दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण आईसीसी की प्रतियोगिताओं और एशिया कप में ही एक दूसरे के खिलाफ खेलती हैं।
विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला 14 अक्टूबर को अहमदाबाद में होगा। अशरफ इस मुकाबले को देखने के लिए भारत पहुंच सकते हैं।
इस बीच विश्व कप कवर करने के लिए लगभग 50 पाकिस्तानी पत्रकारों ने भारतीय वीजा के लिए आवेदन किया है और उन्हें सोमवार तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
पीसीबी के एक सूत्र ने कहा,‘‘पत्रकारों को सोमवार तक वीजा मिलना चाहिए। जहां तक प्रशंसकों का सवाल है तो यह कहना मुश्किल है कि कितने लोगों ने वीजा के लिए आवेदन किया है।’’
भाषा पंत नमिता
नमिता
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