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Wednesday, 1 April, 2026
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न्यायालय ने मामलों की तत्काल सुनवाई से संबंधित नयी प्रक्रिया अधिसूचित की, तीन जुलाई से क्रियान्वयन

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नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने और उन पर सुनवाई के लिए विशेष उल्लेख (मेंशनिंग) की प्रक्रिया से संबंधित एक नयी अधिसूचना जारी की है, जिसे प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ तीन जुलाई से अमल में लाएंगे।

शीर्ष अदालत ग्रीष्मावकाश के बाद तीन जुलाई से खुल रही है।

न्यायिक प्रशासन के रजिस्ट्रार की ओर से बुधवार को जारी एक परिपत्र में उच्चतम न्यायालय ने कहा, ‘‘शनिवार, सोमवार और मंगलवार को सत्यापित किए गए विविध मामले स्वत: आगामी सोमवार को सूचीबद्ध होंगे।’’

परिपत्र में यह भी कहा गया है कि जो अधिवक्ता सत्यापित नये मामलों को आवंटित तिथियों से पूर्व सूचीबद्ध कराना चाहते हैं, उन्हें अगले दिन तत्काल सुनवाई के लिए उल्लेख प्रपत्र अब अपराह्न तीन बजे तक जमा कराने होंगे।

इसमें यह भी कहा गया है कि जो अधिवक्ता मामलों को उसी दिन सूचीबद्ध कराना चाहते हैं, उन्हें उल्लेख अधिकारी के समक्ष सुबह साढ़े दस बजे संबंधित प्रपत्र जमा करना होगा, साथ ही तत्काल सुनवाई की अनिवार्यता से संबंधित पत्र भी जमा कराना होगा।

परिपत्र के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश दोपहर के भोजनावकाश के दौरान ऐसे अनुरोध पर फैसला करेंगे।

नोटिस जारी किये जा चुके और नियमित सुनवाई वाले मामलों में यदि तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया जाना है तो उसके लिए वकीलों को पहले उल्लेख अधिकारी के पास आवश्यक प्रपत्र तथा तत्काल सुनवाई की अनिवार्यता से संबंधित पत्र लेकर जाना होगा।

इसमें कहा गया है, ‘‘ऐसे मामलों में एक दिन पहले अपलोड की गई उल्लेख सूची से इतर किसी अन्य मामले के उल्लेख की मंजूरी नहीं दी जाएगी।’’

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय तीन जुलाई से 15 पीठों को नये मामलों के आवंटन के लिए एक नया ‘रोस्टर’ (नामावली) भी लेकर आ रहा है और भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ तथा दो वरिष्ठतम न्यायाधीशों की अध्यक्षता वाली पहली तीन अदालतें जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेंगी।

भाषा शोभना ब्रजेन्द्र मनीषा सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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