पटना, 28 जून (भाषा) भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बृहस्पतिवार को बिहार में एक रैली को संबोधित करेंगे।
पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना में आयोजित विपक्षी नेताओं की बैठक के बाद पहली बार शाह यहां की धरती पर कदम रखेंगे। वह लगभग तीन महीने पहले बिहार आए थे।
बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘माननीय गृह मंत्री कल दोपहर पटना पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से लखीसराय के लिए रवाना होंगे जहां एक रैली को संबोधित करने से पहले वह भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर अशोक धाम में पूजा.अर्चना करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा ने राज्य के लोगों विशेष रूप से मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के लोगों से शाह की इस रैली में पहुंचने का आह्वान किया है जहां उनके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुई प्रगति के बारे में बताए जाने की संभावना है।’’
बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और लखीसराय के विधायक विजय कुमार सिन्हा ने इस अवसर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र में पत्रकारों को इस स्थान के राजनीतिक महत्व के बारे में बताते हुए कहा, ‘‘मुंगेर लोकसभा क्षेत्र को बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह के साथ जुड़ाव के लिए हमेशा याद किया जाता है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि आज वहां के स्थानीय सांसद राजद की गोद में बैठे हैं। मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में लखीसराय आता है।
मुंगेर लोकसभा सीट से वर्तमान में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सांसद हैं।ललन ने दो बार यह सीट जीती है और भाजपा दोनों बार उनकी पार्टी की सहयोगी रही है।
एकमात्र अपवाद 2014 था, जब बाहुबली से राजनेता बने सूरज भान सिंह की पत्नी वीणा देवी ने एनडीए के एक अन्य सहयोगी दिवंगत राम विलास पासवान की पार्टी लोकजनशक्ति पार्टी के टिकट पर लड़कर यह सीट हासिल की थी।
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता राजीव रंजन ने ‘‘12 सवालों’’ की एक सूची और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शाह बृहस्पतिवार को अपने भाषण में इन सवालों का जवाब देंगे।
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, ‘‘जब से बिहार में तथाकथित डबल इंजन की सरकार बनी है, शाह ने कभी भी राज्य की चिंता नहीं की लेकिन ऐसा लगता है कि जब से भाजपा को सत्ता से बाहर किया गया है, तब से उनका बिहार के प्रति उनका जुनून बढ़ गया है।’’
उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार पिछले साल अगस्त में राज्य में उनके साथ सत्ता में शामिल भाजपा से नाता तोडकर महागठबंधन में शामिल हो गए थे।शाह पिछली बार 01-02 अप्रैल को बिहार के दौरे पर आए थे ।
भाषा अनवर राजकुमार
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