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Tuesday, 31 March, 2026
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भाजपा के राजेंद्र राठौड़ सत्ता में आए तो पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना लागू होगी: वायरल वीडियो में शेखावत

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नयी दिल्ली/ जयपुर, 27 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राजेंद्र राठौड़ राज्य में सत्ता में आते हैं तो वह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लागू कराएंगे। कांग्रेस ने इस पर मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह दिखाता है कि भाजपा ने केवल सत्ता के लालच में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया।

सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित वीडियो में शेखावत राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता राठौड़ के साथ अपने वाहन की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं और उन्हें कुछ लोगों से यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘‘मैं ईआरसीपी लागू कराऊंगा… 46,000 करोड़ रुपये दूंगा लेकिन आप राजेंद्र राठौड़ को (राजस्थान में) सत्ता में लाइए।’’

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और राठौड़ सोमवार को सवाई माधोपुर में थे। वीडियो वहां मौजूद किसी शख्स ने शूट किया है।

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि शेखावत का बयान जनभावना का अपमान है।

खेड़ा ने एक बयान में कहा, ‘‘यह बयान दर्शाता है कि भाजपा को राजस्थान के लोगों की पीड़ा के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है और भाजपा ने केवल सत्ता के लालच में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा या कोई विशेष अनुदान नहीं दिया है।’’

ईआरसीपी की परिकल्पना वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली पूर्व भाजपा सरकार ने की थी। इसके तहत नदियों को जोड़कर पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को पेयजल और सिंचाई जल प्रदान किया जाना था।

अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार केंद्र से परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा दिए जाने की मांग कर रही है और कई मौकों पर इस मुद्दे पर जोधपुर के सांसद शेखावत पर निशाना साध चुकी है।

खेड़ा ने कहा, ‘‘राजस्थान से (लोकसभा के लिए) चुने जाने और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री बनने के बावजूद गजेंद्र सिंह शेखावत को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार से एक पैसा भी नहीं मिल पाया है।’’

खेड़ा ने आरोप लगाया, ‘‘जल जीवन मिशन में भी वह राजस्थान को कोई विशेष सहायता प्रदान करने में विफल रहे हैं, जबकि यह एक रेगिस्तानी राज्य है।’’

उन्होंने कहा कि सात जुलाई 2018 को जयपुर और छह अक्टूबर 2018 को अजमेर में अपने भाषणों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की थी कि ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि राज्य के चुनावों में भाजपा हार गई थी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने ईआरसीपी के लिए 2022-23 के बजट में 9,600 करोड़ रुपये और 2023-24 के बजट में 13,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था और परियोजना पर काम की निगरानी के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना निगम का गठन किया था।

खेड़ा ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार सहयोग करे या न करे, जनता के हित में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पर काम पूरा किया जाएगा।’’

कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि जिन राज्यों में लोग भाजपा को हराते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री का ‘आशीर्वाद’ मिलना बंद हो जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक में हार के बाद केंद्र सरकार जिस तरह से अन्न भाग्य योजना 2.0 के क्रियान्वयन में बाधा डाल रही है, वह सबके सामने है। मोदी सरकार ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के मामले में भी कुछ ऐसा ही किया है।’’

उन्होंने कहा कि शेखावत का बयान ‘बेशर्मी की हद’ है और देश की संघीय भावना के खिलाफ है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा कि शेखावत के बयान से स्पष्ट है कि भाजपा परियोजना को रोक रही है।

राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने केंद्र पर इस मामले को लेकर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘आप केंद्रीय मंत्री हैं और इस तरह की बात कर रहे हैं। केंद्र सरकार इस मुद्दे पर बदले की राजनीति कर रही है जो मंत्री (शेखावत) के बयान से भी दिखता है।’’

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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