नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) बिजली मंत्रालय ने गर्मियों के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए आयातित कोयले का इस्तेमाल करने वाले सभी तापीय बिजली संयंत्रों को 30 सितंबर तक पूरी क्षमता से काम करने के लिए निर्देश दिया है।
बिजली मंत्रालय ने इस संबंध में सोमवार को तापीय बिजली उत्पादन संयंत्रों को नोटिस भेजा। इसके मुताबिक, आयातित कोयले का इस्तेमाल करने वाले 15 बिजली संयंत्रों को इस साल 30 सितंबर तक अपनी पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन करना होगा।
इसके पहले बिजली मंत्रालय ने फरवरी में इन बिजली संयंत्रों को निर्देश दिया था कि उन्हें 16 मार्च से 15 जून तक पूरी क्षमता पर काम करना होगा। देश में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 11 के तहत निर्देश जारी किए गए थे।
अब मंत्रालय ने उसी प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए इस समयसीमा को 30 सितंबर, 2023 तक के लिए बढ़ा दिया है।
गत नौ जून को इस मौसम में एक दिन की सर्वोच्च बिजली मांग आई थी। उस दिन देशभर में 223.23 गीगावॉट बिजली की आपूर्ति की गई थी। इस साल सर्वाधिक एक-दिनी मांग 230 गीगावॉट रहने का अनुमान जताया गया है।
हालांकि, अप्रैल-मई के महीनों में मौसमी बदलावों की वजह से बिजली की ज्यादा खपत वाले एयर कंडीशनर एवं फ्रिज का इस्तेमाल कम हुआ था। लेकिन जून में गर्मी काफी बढ़ गई है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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