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Wednesday, 14 January, 2026
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तदर्थ समिति ने डब्ल्यूएफआई चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करना शुरू किया

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… अमनप्रीत सिंह…

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) भारत सरकार के द्वारा भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनावों के लिए 30 जून की समय सीमा निर्धारित करने के साथ आईओए (भारतीय ओलंपिक समिति) तदर्थ समिति ने मतदाता सूची एकत्र करके चुनाव कराने की दिशा में पहला कदम उठाया है। इन चुनावों के लिए निर्वाचक मंडल के गठन की जरूरत होगी। इन चुनावों से पहले तदर्थ समिति के तीसरे सदस्य (सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश) को नियुक्त किया जाना बाकी है। आईओए के सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ न्यायाधीश की नियुक्ति जल्द होगी। हम पहले से ही इस पर काम कर रहे हैं। हमें पिछले कार्यकाल से मतदाता सूची मिली है।’’ देश के शीर्ष पहलवानों ने निवर्तमान डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद खेल मंत्रालय के निर्देश पर आईओए ने 27 अप्रैल को तदर्थ समिति का गठन किया था। तदर्थ समिति को इस निकाय के दैनिक मामलों के प्रबंधन के साथ चुनाव करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। तदर्थ समिति ने चार मई को अपना कामकाज संभाला था और उसे 45 दिन के अंदर चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गयी थी। यह समय सीमा 17 जून को समाप्त हो रही है और यह स्पष्ट है कि इस तारीख तक चुनाव नहीं कराये जा सकेंगे। चुनाव पर फैसला लिए डब्ल्यूएफआई की विशेष आम बैठक (एसजीएम) में होगा। इस बैठक को आयोजित करने के लिए राज्यों की इकाइयों को 21 दिन का समय देना होगा। तदर्थ समिति एक-दो दिनों के अंदर चुनाव से जुड़ी सर्कुलर (परिपत्र) जारी करने की योजना बना रही है। डब्ल्यूएफआई से 25 इकाइयां संबंधित है। इसमें केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और दिल्ली भी शामिल हैं। प्रत्येक राज्य इकाई दो प्रतिनिधि भेज सकती है और प्रत्येक प्रतिनिधि का एक मत होगा। इसलिए डब्ल्यूएफआई चुनावों के लिए निर्वाचक मंडल में 50 वोट होंगे। डब्ल्यूएफआई संविधान के अनुसार, राज्य इकाइयां केवल उन प्रतिनिधियों को नामांकित कर सकती हैं जो उनके कार्यकारी निकायों के सदस्य हैं। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों को आश्वासन दिया था कि सरकार बृजभूषण के परिवार के किसी भी सदस्य या सहयोगी को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं देगी। इसके बाद पहलवानों ने 15 जून तक अपना आंदोलन रोक दिया था। ऐसे में यह देखना होगा कि अगर बृजभूषण से जुड़े योग्य उम्मीदवार चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करते हैं तो क्या होता है। बृजभूषण के बेटे करण पिछली डब्ल्यूएफआई समिति में उपाध्यक्ष थे और उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ से भी जुड़े हुए हैं। उनके दामाद विशाल सिंह बिहार कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं। ये दोनों राज्य निकाय के प्रतिनिधियों के रूप में चुनाव लड़ने के पात्र हैं। बृजभूषण 12 साल तक डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष रहे है और खेल संहिता के मुताबिक वह चुनाव नहीं लड़ सकते है। भाषा आनन्द आनन्द

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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