ताशकंद, 12 मई ( भाषा ) भारतीय मुक्केबाज मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किलो) , निशांत देव (71 किलो ) और दीपक भोरिया (51 किलो ) को शुक्रवार को विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा ।
निशांत का सेमीफाइनल मुकाबला रिव्यू तक पहुंचा और निर्णायकों ने 2022 एशियाई चैम्पियन और 2018 एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता कजाखस्तान के असलानबेक शिमबेरगेनोव के पक्ष में फैसला दिया ।
भोरिया को दो बार के कांस्य पदक विजेता फ्रांस के बिलाल बेनामा ने रोमांचक मुकाबले में बंटे हुए फैसले पर 4 . 3 से हराया । भोरिया को 2019 विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता अमित पंघाल पर तरजीह देकर टीम में चुना गया था ।
इससे पहले हुसामुद्दीन ने घुटने की चोट के कारण सेमीफाइनल मुकाबले से नाम वापिस ले लिया ।
निजामाबाद के 29 वर्ष के हुसामुद्दीन को बुल्गारिया के जे डियाज इबानेज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान घुटने में चोट लगी थी ।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने एक बयान में कहा ,‘‘ हुसामुद्दीन को चोट के कारण विरोधी को वॉकओवर देना पड़ा । उसे कांस्य पदक से ही संतोष करना होगा । उसे क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान चोट लगी थी और उसे आगे नहीं खेलने की सलाह मिली थी ।’’
हुसामुद्दीन पहली बार विश्व चैम्पियनशिप खेल रहे हैं । उन्हें सेमीफाइनल में क्यूबा के सेडेल होर्टा से खेलना था ।
भाषा
मोना आनन्द
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