गुवाहाटी, 31 मार्च (भाषा) जोरहाट जिले में प्रसिद्ध साहित्यकार चंद्रधर बरुआ के स्मारक के चारों ओर भारतीय वायुसेना द्वारा कथित तौर पर चारदीवारी बनाए जाने के संबंध में असम सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह संबंधित हितधारकों के साथ बातचीत शुरू करेगी।
राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी द्वारा मामला उठाए जाने के बाद राजस्व मंत्री जोगेन मोहन ने यह आश्वासन दिया। मोहन ने कहा, ‘‘हम जोरहाट उपायुक्त से जल्द से जल्द भारतीय वायुसेना और अन्य हितधारकों के साथ बैठक करने तथा मामले पर बातचीत करने के लिए कहेंगे।’’
बरुआ (1874-1961) लेखक, कवि, नाटककार, गीतकार और असम साहित्य सभा के दूसरे अध्यक्ष थे। गोस्वामी ने बताया कि बरुआ के परिवार ने जोरहाट के रोरियाह क्षेत्र में भारतीय वायुसेना को अपना बेस स्थापित करने के लिए भूमि दान की थी।
मंत्री ने कहा कि रोरियाह टी गार्डन प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर एक क्षेत्र चिह्नित किया गया था, जिस पर 1960 के दशक में परिवार द्वारा बरुआ का स्मारक बनाया गया था।
उन्होंने दावा किया कि हालांकि, स्थायी चारदीवारी के निर्माण के द्वारा अब इस हिस्से को भारतीय वायुसेना के परिसर में शामिल कर लिया गया है। भाजपा विधायक ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र का कोई सामरिक महत्व नहीं है क्योंकि इसके सामने अन्य वाणिज्यिक कार्यालय स्थित हैं।’’
गोस्वामी के सवाल के जवाब में मोहन ने कहा कि सरकार को पता है कि वायुसेना ने बरुआ के स्मारक के चारों ओर एक दीवार खड़ी कर दी है। दीवार निर्दिष्ट ठेकेदारों द्वारा सीधी लाइन के रूप में बनाई गई थी, जिसके कारण स्मारक रक्षा प्रतिष्ठान के परिसर के अंदर चला गया।
भाषा आशीष अविनाश
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