गुवाहाटी, 27 मार्च (भाषा) असम में एक साहित्यिक संस्था के कार्यक्रम में मेहमानों का स्वागत करने के लिए असमिया और बंगाली स्कार्फ को आधा काटकर उन्हें एक साथ सिलने पर विवाद खड़ा हो गया है।
आयोजकों ने कहा कि ऐसा दो समुदायों के बीच सद्भाव के प्रतीक के तौर पर किया गया था। वहीं, कई लोगों ने इसे कदम की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह असमिया ‘गमोसा’ का अपमान है और इस तरह के कृत्य से विभाजन बढ़ेगा।
बांग्ला साहित्य सभा, असम (बीएसएसए) ने रविवार को यहां आयोजित अपने पहले राज्य स्तरीय सम्मेलन में मेहमानों को सम्मानित करने के लिए असमिया और बंगाली स्कार्फ के आधे हिस्से के सिले हुए स्कार्फ का इस्तेमाल किया।
कार्यक्रम में राज्य के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस कृत्य के खिलाफ गुवाहाटी, नगांव, डिब्रूगढ़, गोलाघाट और बोंगईगांव सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किया गया।
जातीय युवा शक्ति (जेवाईएस), असम जातीय परिषद की युवा शाखा और बीर लचित सेना जैसे संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया गया।
जेवाईएस के सदस्यों ने पेगू और अन्य सरकारी अधिकारियों से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की, जो इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
आयोजकों को ‘‘भविष्य में गमोसा को विरूपित करने’’ से बचने की चेतावनी देते हुए प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि गमोसा को काटना असमिया समुदाय का अपमान है क्योंकि यह उनके लिए एक विशेष स्थान रखता है।
भाषा शफीक रंजन
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