नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र व दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा प्रवर्तित दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) को 2017 के मध्यस्थता फैसले के तहत बकाये का भुगतान करने में गारंटी या ऋण बढ़ाने के डीएमआरसी के अनुरोध पर ध्यान दें।
उच्च न्यायालय ने कहा कि यह निर्णय केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय व दिल्ली सरकार को दो सप्ताह के अंदर लेना है और अगर फैसला दिल्ली मेट्रो रेलवे कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के अनुरूप आता है तो वह एक महीने के अंदर पूरी देय राशि ब्याज समेत जमा करेगा।
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने फैसला पढ़ते हुए कहा, “अगर केंद्रीय मंत्रालय या दिल्ली सरकार गारंटी या कर्ज देने के आग्रह को खारिज कर देते हैं तो केंद्रीय मंत्रालय 10 मार्च, 2022 के बाद डीएमआरसी से प्राप्त सभी धन को तुरंत या दो सप्ताह के अंत में लौटा देगा।
उच्च न्यायालय का यह निर्णय डीएएमईपीएल की डीएमआरसी के खिलाफ दायर याचिका पर आया है। इसमें उसके पक्ष में आए मध्यस्थता फैसले के अनुरूप बकाया के भुगतान की अपील की गई थी। एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने मई, 2017 में डीएएमईपीएल के पक्ष में फैसला सुनाया था। डीएएमईपीएल सुरक्षा मुद्दों की वजह से एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन के परिचालन से हट गई थी।
भाषा अनुराग अजय
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