नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) स्वान एनर्जी और हेजल मर्केंटाइल के गठजोड़ ने एक दिवालिया प्रक्रिया में रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग का अधिग्रहण करने के लिए सफल बोली लगाई थी, लेकिन अब गठजोड़ ने भुगतान के लिए चार महीने का समय मांगा है।
स्वान-हेजल गठजोड़ ने दिवाला अदालत से अनुरोध किया है कि कर्जदाताओं को बोली कीमत की पहली किस्त का भुगतान करने के लिए चार महीने का वक्त दिया जाए।
यह विस्तार इस आधार पर मांगा गया है कि अडाणी समूह के खिलाफ अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोप से वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है।
बोली के अनुसार स्वान-हेजल गठजोड़ को पहली किस्त के तहत 200 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इसके अलावा दिवाला प्रक्रिया हुए खर्च का अलग से भुगतान भी करना है। कुल राशि 300 करोड़ रुपये से थोड़ा कम है।
इस अनुरोध पर एनसीएलटी ने गठजोड़ को कम से कम 10 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया और कहा कि मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी।
भाषा पाण्डेय अजय
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