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Friday, 10 April, 2026
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आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ने समावेशी और पारदर्शी शासन के लिये वाईएसआरसीपी सरकार की सराहना की

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अमरावती, 14 मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश के राज्यपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस. अब्दुल नज़ीर ने राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र में अपने पहले अभिभाषण में मंगलवार को समावेशी और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के लिए युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार की सराहना की।

वित्त वर्ष 2023-24 के बजट सत्र से पहले अपने अभिभाषण में, न्यायमूर्ति नज़ीर ने कहा कि मुख्यमंत्री वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व में राज्य के पांच करोड़ लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की यात्रा शुरू हुए लगभग चार साल बीत चुके हैं।

राज्यपाल ने कहा, ‘‘गरीबों के हितों से जुड़ी कई पहलों पर अमल के जरिये वंचितों, हाशिये पर और कमजोर समूहों की आकांक्षाओं को जिस प्रकार से पूरा किया जा रहा है, उसे साझा करना वास्तव में खुशी की बात है।’’

राज्यपाल ने कहा कि चूंकि यह सरकार 2019 में बनी थी, इसने नवरत्नालु कल्याणकारी योजनाओं के तहत एक समावेशी शासन मॉडल की शुरुआत की है।

न्यायमूर्ति नजीर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं।

न्यायमूर्ति नज़ीर के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार ने ‘नवरत्नालु’ के तहत बेहतर तरीके से विकासात्मक और कल्याणकारी ढांचा तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी के भी पीछे न छूटने देने की अवधारणा को अपनाया है, जो सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के वैश्विक विकास एजेंडे के अनुरूप भी है।

उन्होंने कहा कि पिछले 45 महीनों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सभी जातियों, पंथों, धर्मों, लिंगों और राजनीतिक संबद्धता के लोगों को नवरत्नालु पहल के तहत 1.97 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

आर्थिक विकास पर टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति नज़ीर ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अग्रिम अनुमान मौजूदा कीमतों पर 16.2 प्रतिशत की समग्र वृद्धि का संकेत देते हैं, क्योंकि अर्थव्यवस्था के सभी तीन क्षेत्रों- अर्थात् कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, उद्योगों और सेवा क्षेत्र में अच्छे प्रदर्शन का अनुमान है।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2021-22 में 1,92,517 रुपये से 14 प्रतिशत बढ़कर 2,19,518 रुपये हो गई है।?

उन्होंने ‘ग्राम/वार्ड सचिवालय और स्वयंसेवी प्रणाली’ को पारदर्शिता और शासन के विकेंद्रीकरण को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से एक अभिनव प्रयोग बताया।

इसके अलावा, न्यायमूर्ति नज़ीर ने माना बादी – नाडु नेडु, जगनन्ना अम्मावोडी, जगनन्ना विद्या कनुका, जगनन्ना गोडुमुड्डा, जगनन्ना विद्या दीवेना और अन्य के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में दक्षिणी राज्य की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।

बाद में, विधानसभा अध्यक्ष तम्मिनेनी सीताराम ने कार्य मंत्रणा समिति की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें मुख्यमंत्री ने हिस्सा लिया। उसके बाद रेड्डी के नेतृत्व में सचिवालय में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई।

भाषा सुरेश दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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