नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) वित्त मंत्रालय ने धनशोधन कानून के अंतर्गत लाभार्थी स्वामियों की परिभाषा और सख्त कर दी है। मंत्रालय ने बैंकों और क्रिप्टो मंचों जैसी ‘रिपोर्टिंग इकाइयों’ को अपने ग्राहकों से जानकारी एकत्र करना अनिवार्य कर दिया है।
धनशोधन रोकथाम अधिनियम में हुए संशोधनों के अनुसार, किसी ‘रिपोर्टिंग इकाई’ में 10 प्रतिशत स्वामित्व रखने वाले किसी व्यक्ति या समूह को अब लाभार्थी मालिक माना जाएगा, जो पहले 25 प्रतिशत था।
वित्त मंत्रालय ने सात मार्च को संशोधित कानून सूचीबद्ध किए थे।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत बैंक और वित्तीय संस्थान, रियल एस्टेट और आभूषण उद्योग की कंपनियां ‘रिपोर्टिंग इकाई’ हैं। इनमें कैसीनो और क्रिप्टो या वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों के बिचौलियों को भी शामिल किया गया है।
इन इकाइयों को 10 लाख रुपये से ज्यादा के नकदी लेनदेन समेत सभी लेनदेन का ब्योरा रखना होगा। इन्हें अब ग्राहकों के व्यवसाय के मुख्य स्थान और पंजीकृत कार्यालय का पता भी रखना होगा।
भाषा अनुराग पाण्डेय
पाण्डेय
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