रायपुर, छह मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 1,21,500 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के बेरोजगार युवाओं को 2,500 रुपये का मासिक भत्ता देने की घोषणा की है। बघेल के पास वित्त विभाग भी है
बघेल ने बजट भाषण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, होम गार्ड और ग्राम कोटवारों के मानदेय में वृद्धि करने की भी घोषणा की।
राज्य की कांग्रेस सरकार ने चुनावी वर्ष में युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और कर्मचारियों को साधने की कोशिश की है।
अपने बजट भाषण के दौरान बघेल ने कहा, ‘‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के ध्येय वाक्य के साथ प्रदेश की प्रगति और खुशहाली के लिए इन चार वर्षों में हमने कई अभूतपूर्व निर्णय लिये हैं। देश और प्रदेश के इतिहास में 17 लाख 96 हजार किसानों को आठ हजार सात सौ 44 करोड़ रुपये की ऋण माफी का लाभ देने का काम केवल हमारी सरकार ने किया है। खरीफ 2018 की धान फसल के लिये किसानों को छह हजार 22 करोड़ की प्रोत्साहन राशि भुगतान करने का काम हमारी सरकार ने किया है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए तमाम बाधाओं के बीच भी हम अपने निर्णय पर अडिग रहे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की नवीन योजना शुरू की जायेगी। रोजगार एवं पंजीयन केन्द्र में पंजीकृत कक्षा 12वीं पास 18 से 35 वर्ष के युवा, जिनके परिवार की वार्षिक आय दो लाख 50 हजार से कम होगी, उन्हें अधिकतम दो वर्ष तक 2,500 रुपये प्रतिमाह की दर से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए दो सौ 50 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।’
बजट में राज्य भर में संचालित 46 हजार 660 आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली मासिक मानदेय की राशि छह हजार 500 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति माह किये जाने का प्रावधान किया गया है। वहीं आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय तीन हजार 250 रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये तथा मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय चार हजार 500 रुपये से बढ़ाकर सात हजार 500 रुपये करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है।
बजट में मितानिनों को पूर्व से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त राज्य मद से 22 सौ रुपये प्रति माह की दर से मानदेय दिये जाने की घोषणा की गई है। वहीं ग्राम कोटवारों का भी मानदेय बढ़ाया गया है।
इस बजट में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने वाले रसोइयों और विद्यालयों में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों का मानदेय भी बढ़ाने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में होमगार्ड के जवानों के मानदेय में बढ़ोतरी करने और स्वावलंबी गोठानों की संचालन समिति के अध्यक्ष को 750 रुपये और सदस्यों को पांच सौ रुपये मानदेय दिये जाने की घोषणा की।
बजट के अनुसार राज्य के नगरीय क्षेत्रों में आधुनिकतम और उच्च गुणवत्ता की मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जायेगी। नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न शहरी अधोसंरचना निर्माण कार्यों के लिए एक हजार करोड़ का प्रावधान है।
वहीं महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना के तर्ज पर शहरी क्षेत्र में भी औद्योगिक पार्क की स्थापना की जायेगी। औद्योगिक पार्कों में लघु और कुटीर उद्योगों की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को आवागमन के लिए सहज, सस्ता और आधुनिक साधन उपलब्ध कराने के लिए नवा रायपुर, अटल नगर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि मनेन्द्रगढ़, गीदम, जांजगीर चांपा और कबीरधाम जिले में नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
बजट में राज्य के सभी तहसील कार्यालयों में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए नवीन मद में दो करोड़ 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट में छत्तीसगढ़ कल्चरल कनेक्ट योजना के तहत अन्य राज्यों में स्थित तीर्थस्थलों के भ्रमण के दौरान राज्य के नागरिकों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़-जननिवास भवन के निर्माण का प्रावधान किया गया है।
अपने बजट भाषण में बघेल ने कहा कि महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल्या समृद्धि योजना शुरू की जायेगी। इसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान है। वहीं बाल संप्रेक्षण गृह से बाहर जाने की आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करते हुये इनके पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री बाल उदय योजना प्रारंभ की जायेगी। इसके लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी प्रोटोकॉल के तहत शैक्षणिक संस्थाओं में बच्चों की उपस्थिति पर रोक के कारण प्रारंभिक शिक्षा में अधिगम के स्तर की कमी को देखते हुए विश्व बैंक के समर्थन से चॉक परियोजना प्रारंभ की जा रही है। इस योजना में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का काम किया जाएगा। इसके लिए चार सौ करोड़ रुपये का प्रावधान है।
बघेल ने कहा कि राज्य की शालाओं में उच्चस्तर की बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए पांच सौ करोड़ रुपये का प्रावधान है।
बजट के अनुसार आदिवासी पर्व और त्योहारों के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना प्रारंभ की जायेगी। इसके तहत ग्राम पंचायतों को अनुदान के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की जायेगी।
राज्य के प्रत्येक संभाग मुख्यालयों और रायगढ़ तथा राजनांदगांव जिलों में बालक एवं बालिका छात्रावास अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए खोले जाएंगे। इसके लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों को निजी आवास निर्माण में सहयोग के लिए पत्रकार गृह निर्माण ऋण अनुदान योजना प्रारंभ की जायेगी। इसके तहत 25 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जायेगा। इसके लिए 50 लाख रुपये का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि राज्य मे 57 नए न्यायालयों की स्थापना की जायेगी। इसके लिए 23 करोड़ 25 लाख रुपए का प्रावधान है।
बघेल ने कहा कि राज्य में तीरंदाजी को राजकीय खेल के तौर पर प्रोत्साहित करने के लिये बस्तर और रायपुर में तीरंदाजी खेल अकादमी की स्थापना की जायेगी। नारायणपुर में मलखम्ब अकादमी और रायपुर में अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खेल अकादमी की स्थापना की जायेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य के प्राचीन शिल्प, स्थापत्य एवं कलाकृतियों को प्रत्येक जिले के चिन्हित कार्यालय अथवा महाविद्यालय में प्रतिकृतियों के माध्यम से प्रदर्शन करने के लिए मुख्यमंत्री विरासत झरोखा योजना की शुरुआत की जायेगी। इसके लिए 99 लाख रुपये का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि बजट में राज्य मार्गो के निर्माण के लिए 180 करोड़, मुख्य जिला सड़कों के निर्माण के लिए 378 करोड़, ग्रामीण मार्गो के निर्माण के लिए 735 करोड़, वृहद और मध्यम पुलों के निर्माण के लिए 629 करोड़ तथा रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान है।
बघेल ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राज्य के विकास कार्यों के लिए वर्ष 2012-13 से निरंतर बाजार ऋण लिया जा रहा था। पिछले तीन वर्ष में कुशल वित्तीय प्रबंधन अपनाते हुए वर्ष 2022-23 में राज्य सरकार ने अबतक बाजार ऋण नहीं लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां एक लाख छह हजार करोड़ और कुल राजस्व व्यय एक लाख दो हजार 500 करोड़ अनुमानित है। इसलिए वर्ष 2023-24 में कुल तीन हजार 500 करोड़ का राजस्व अधिशेष का अनुमान है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 के बजट में कोई कर प्रस्ताव नहीं है।
भाषा संजीव संजीव अजय
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