नयी दिल्ली, चार मार्च (भाषा) दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को कारोबार में गिरावट का रुख दिखा तथा मूंगफली तेल तिलहन को छोड़कर बाकी अधिकांश तेल तिलहनों के भाव नुकसान के साथ बंद हुए। बाकी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि खाद्यतेलों के थोक भाव काफी टूट चुके हैं और अब इनके भाव सात आठ माह पहले की तुलना में आधे से भी कम रह गये हैं। हालांकि खुदरा बाजार भाव उस हिसाब से नहीं टूटा है। उन्होंने कहा कि खुदरा बाजार में ग्राहकों को खाद्यतेल में इस गिरावट का उपयुक्त लाभ नहीं मिल पाने की सरकार को जांच करानी चाहिये।
सूत्रों ने कहा कि देश के एक तेल संगठन के प्रतिनिधि की ओर से खाद्य तेलों का वायदा कारोबार खोलने की मांग की गई है जो कि अनुचित है। सूत्रों ने कहा कि इन तेल संगठनों का वायदा कारोबार से क्या लेना-देना है? उन्होंने कहा कि इसी वायदा कारोबार के कारण देश में तेल-तिलहन उत्पादन नहीं बढ़ पाया।
वायदा कारोबार शुरु होने से पहले 1997-98 में देश में खाद्यतेलों का आयात लगभग 20-25 लाख टन का होता था। वहीं वायदा कारोबार शुरु होने के बाद से आयात बढ़कर अब लगभग 150 लाख टन हो गया है और इसमें आगे और बढ़ोतरी हो सकती है।
सूत्रों ने कहा कि कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अर्जेंटीना और ब्राजील में सूरजमुखी एवं सोयाबीन के अपने तेल संयंत्र हैं और वे नहीं चाहतीं कि भारत तिलहन मामले में आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि तेल संगठनों के प्रतिनिधि उस समय खामोश थे जब सूरजमुखी तेल आयात भाव के मुकाबले लगभग 50 रुपये ऊपर प्रीमियम पर बेचा जा रहा था।
सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी का भाव जिस कदर टूटा है उससे देशी किसान सूरजमुखी की बुवाई करने से कतरायेंगे। सरकार को मौजूदा समय में सस्ते आयातित तेलों पर लगाम लगाने की जरुरत है और इसके लिए जरूरी है कि इन खाद्यतेलों पर अधिक आयात शुल्क लगाकर देशी तेल तिलहनों की खपत की स्थिति पैदा की जाय। इन देशी तेल तिलहनों का बाजार बनाने की ओर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन – 5,420-5,470 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली – 6,825-6,885 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,700 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,560-2,825 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 11,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,780-1,810 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,740-1,865 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,990 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,580 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,430 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 9,080 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,980 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,550 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 9,640 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना – 5,310-5,440 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 5,050-5,070 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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