(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के एक आदेश का पालन करते हुए जाकिर नगर में यमुना के डूब क्षेत्र में अवैध तरीके से बनाई गयी अस्थायी झोंपड़ियों और अन्य ढांचों को बुधवार को गिरा दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब एक एकड़ जमीन से अवैध ढांचों को हटाया गया है।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने एक बयान में कहा, ‘‘मामला संख्या 06/2012 (मनोज मिश्रा बनाम डीडीए और अन्य) में 13 जनवरी 2015 की तारीख के एनजीटी के आदेश के अनुसार यमुना के डूब क्षेत्र में सभी अतिक्रमण को हटाना होगा।’’
बयान के अनुसार, ‘‘एनजीटी के आदेश का अनुपालन करते हुए जाकिर नगर में खसरा संख्या 276, 366 पर बनी अस्थायी झोंपड़ियों और ढांचों को गिराने का काम आज किया गया।’’
इससे पहले आज दिन में डीडीए ने सराय काले खां में एक रैन बसेरे को गिरा दिया।
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के सूत्रों ने बताया कि इलाके में मेट्रो गलियारे का निर्माण प्रस्तावित है और इसी के मद्देनजर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया की गई।
सूत्रों ने कहा, ‘‘डीयूएसआईबी को दो से तीन सप्ताह पहले इस कार्रवाई के बारे में सूचित कर दिया गया था। इलाके में एक मेट्रो गलियारा बनाया जा रहा है, इसी लिए यह फैसला किया गया।’’
सराय काले खां में रैन बसेरे के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इलाके में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया और चारों ओर अवरोधक लगाए गए।
डीयूएसआईबी के सूत्रों ने कहा, ‘‘ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के लिए पुलिस की तैनाती प्रोटोकॉल का हिस्सा है।’’
डीडीए की जमीन पर 2014 में स्थापित किए गए इस रैन बसेरे में 54 लोगों के रहने की क्षमता थी।
डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘कार्रवाई हमने नहीं की बल्कि अन्य अधिकारियों ने की।’’
भाषा वैभव माधव
माधव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
