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Wednesday, 1 April, 2026
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बालक के साथ दुष्कर्म के मामले में व्यक्ति को 20 साल की सजा

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रायसेन, नौ फरवरी (भाषा) मध्य प्रदेश के रायसेन की एक स्थानीय अदालत ने 10 साल के बालक के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी 22 वर्षीय व्यक्ति को बृहस्पतिवार को दोषी करार देते हुए 20 साल के सश्रम कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

रायसेन के विशेष न्यायाधीश ने मामले में संतोष बंजारा को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम के तहत 20 साल के सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

विशेष लोक अभियोजक भारती गेडाम ने बताया कि पीड़ित लड़के ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दो अक्टूबर 2020 को रात को घर में वह और उसके माता-पिता खाना खाकर टीवी देख रहे थे। उन्होंने बताया कि लड़के ने शिकायत में कहा था कि उसी समय उसके मोहल्ले का रहने वाला संतोष बंजारा उसे गुटखा लेने के लिए अपने साथ ले गया और वन विभाग के कार्यालय के पीछे सुनसान जगह पर उसके साथ कुकृत्य किया। गेडाम ने बताया कि बालक ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह वहां से जैसे तैसे छूटकर भागने लगा लेकिन संतोष ने यह बात किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी।

उन्होंने बताया कि पीड़ित ने रास्ते में यह बात राजेश राठौर को बताई जिसने उसके भाई को फोन करके बुला लिया। उन्होंने बताया कि भाई के साथ घर आने पर बालक ने माता-पिता को आपबीती बताई जिसके बाद थाना कोतवाली रायसेन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर विवेचना के बाद अभियोग पत्र अदालत में पेश किया और अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे सजा सुनायी।

भाषा सं दिमो अमित

अमित

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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