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Tuesday, 10 February, 2026
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भारत के सोया खली का निर्यात जनवरी में दोगुना हुआ

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इंदौर, नौ फरवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय बाजार कारकों से भारतीय सोया खली के मूल्य प्रतिस्पर्धा में लौटने के कारण जनवरी के दौरान इसका निर्यात दोगुना होकर 2.25 लाख टन पर पहुंच गया। पिछले साल जनवरी में देश से 1.11 लाख टन सोया खली का निर्यात गया था।

प्रसंस्करणकर्ताओं के इंदौर स्थित संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

सोपा के कार्यकारी निदेशक डीएन पाठक ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ को बताया,‘‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में जनवरी के दौरान अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना सरीखे शीर्ष निर्यातकों की सोया खली के दामों में तेजी देखी गई। इसके चलते भारतीय सोया खली की मांग बढ़ी और निर्यात को बल मिला।’’

उन्होंने बताया कि भारत की सोया खली अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना के इस उत्पाद से अमूमन महंगी होती है, इसलिए भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कड़ी मूल्य प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

प्रसंस्करण कारखानों में सोयाबीन का तेल निकाल लेने के बाद बचने वाले उत्पाद को सोया खली कहते हैं। यह उत्पाद प्रोटीन का बड़ा स्रोत है। इससे सोया आटा और सोया बड़ी जैसे खाद्य पदार्थों के साथ पशु आहार तथा मुर्गी दाना भी तैयार किया जाता है।

भाषा हर्ष अमित अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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