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नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर में प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे अतिक्रमण रोधी अभियान के विरोध में बुधवार को यहां राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों पर उतरीं।
संसद तक मार्च करने के इरादे से महबूबा बोट क्लब इलाके में पहुंची, जहां उनके दर्जनों समर्थक एकत्र हुए थे। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिनपर लिखा था, ‘‘ डराना-धमकाना बंद करो, ‘स्टॉप बुलडोजिंग’ (इमारतें ध्वस्त करना बंद करो)।’’ पीडीपी प्रमुख जम्मू कश्मीर में चलायी जा रही ‘‘बुलडोजर नीति’’ से विपक्षी दलों को अवगत कराना चाहती थीं।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को हिरासत में ले लिया तथा उन्हें और उनके समर्थकों को जंतर मंतर पर ले गयी। इसके बाद, प्रदर्शनकारी वहां से चले गये।
महबूबा ने कहा, ‘‘ हम लोगों, विपक्षों दलों और सत्तारूढ़ भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के सदस्यों को जम्मू कश्मीर के लोगों की परेशानियों के बारे में बताने आए थे।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘ अगर हम संसद नहीं जा सकते, तो हम कहा जाएं। क्या सरकार चाहती है कि हम अपनी शिकायतें लेकर संयुक्त राष्ट्र जाएं?’’
प्रदर्शन के दौरान महबूबा महबूबा मुफ्ती ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और जम्मू कश्मीर प्रशासन पर आरोप लगाया कि केंद्र शासित प्रदेश में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ कर इसे अफगानिस्तान में तब्दील किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ जम्मू कश्मीर में कानून का शासन नहीं है। पहले हमें हमारी पहचान से और फिर नौकरियों से वंचित किया गया तथा अब वे हमें घरों एवं दुकानों से वंचित कर रहे हैं। आखिर यह सरकार चाहती क्या है?’’
उन्होंने आरोप लगाया,‘‘जम्मू कश्मीर को अफगानिस्तान की तरह बर्बाद किया जा रहा है।’’
पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘‘ हम अपने दिल की बात कहने के लिए दिल्ली आए थे, लेकिन ऐसा लगता है कि यहां भी आम आदमी की आवाज दबा दी गई।’’
पीडीपी और जम्मू कश्मीर के अन्य राजनीतिक दलों ने अतिक्रमण रोधी अभियान की निंदा की है और प्रशासन से इसे रोकने की अपील की है। उनका दावा है कि इस अभियान से गरीब प्रभावित हो रहे हैं।
भाषा राजकुमार सुभाष
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