भुवनेश्वर, तीन फरवरी (भाषा) प्रमुख साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता अमिताव घोष ने शुक्रवार को यहां तीन दिवसीय टाटा स्टील भुवनेश्वर साहित्य महोत्सव का उद्घाटन किया तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
घोष ने क्षेत्र के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर अपनी चिंताओं को साझा किया। अमिताव घोष ने ‘द नटमेग्स कर्स’, ‘जंगल नामा’, ‘द लिविंग माउंटेन’ और अन्य प्रसिद्ध पुस्तकें लिखीं है।
उद्घाटन सत्र के दौरान अन्य लोगों के अलावा संबाद के संस्थापक-संपादक सौम्य रंजन पटनायक, कॉरपोरेट सर्विसेज टाटा स्टील के उपाध्यक्ष चाणक्य चौधरी और भुवनेश्वर लिटरेरी मीट निदेशक मालविका बनर्जी उपस्थित थीं।
उद्घाटन के बाद जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर चर्चा हुई, जिसमें घोष ने कार्बन उत्सर्जन के बारे में अपनी चिंताओं को साझा किया।
भाषा जितेंद्र अमित
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