(कुमार दीपांकर)
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) अगले वित्त वर्ष में मासिक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह के औसतन करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क (सीबीआईसी) विभाग के प्रमुख विवेक जौहरी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा कि कर चोरी रोकने और जीएसटी के दायरे में नए व्यवसायों को लाने के ठोस प्रयासों से कर संग्रह का यह नया ‘सामान्य’ स्तर होगा।
जौहरी ने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा कि आम बजट 2023-24 में दिए गए जीएसटी और सीमा शुल्क राजस्व संग्रह के अनुमान वास्तविक हैं और मौजूदा कीमतों पर जीडीपी वृद्धि तथा आयात के रुझानों पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए निर्धारित अप्रत्यक्ष कर संग्रह के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।
जौहरी ने कहा कि सीबीआईसी ने सख्त ऑडिट और कर रिटर्न की जांच, फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई के जरिये जीएसटी संग्रह बढ़ाने की रणनीति तैयार की है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम करदाताओं का आधार बढ़ाने पर ध्यान देंगे। करदाता आधार में वृद्धि काफी अच्छी रही है। हमने जीएसटी शुरू होने के समय से करदाताओं की संख्या दोगुनी से अधिक कर दी है। फिर भी, हमें लगता है कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें करदाताओं की संख्या बढ़ने की बहुत अधिक क्षमता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि हम चरम स्तर तक नहीं पहुंचे हैं और राजस्व बढ़ाने की गुंजाइश है।’’
चालू वित्त वर्ष में मासिक जीएसटी संग्रह औसतन लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। यह पूछने पर कि क्या अगले वित्त वर्ष में 1.50 लाख करोड़ रुपये का मासिक जीएसटी संग्रह आसानी से हासिल हो जाएगा, उन्होंने कहा, ‘‘हां, मुझे इसपर भरोसा है… जीएसटी राजस्व में वृद्धि की और गुंजाइश है।’’
भाषा पाण्डेय अजय
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