नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) रियल एस्टेट क्षेत्र में उछाल के साथ ही निर्माण गतिविधियों के तेज होने से रोजगार के मौके तैयार हुए और प्रवासी श्रमिक शहरों की ओर वापस आने लगे हैं। संसद में मंगलवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा 2022-23 में यह बात कही गई।
यह निष्कर्ष इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मार्च, 2020 से महामारी पर काबू पाने के लिए समय-समय पर देश के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए लॉकडाउन प्रतिबंधों के कारण बड़ी संख्या में श्रमिकों का रोजगार चला गया था और वे अपने घरों को वापस लौटने को मजबूर हो गए थे।
आर्थिक समीक्षा 2022-23 में आर्थिक गतिविधियों में लगातार सुधार की ओर इशारा किया गया है।
समीक्षा के मुताबिक, टीकाकरण ने निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों को शहर वापस लौटने में मदद की। इसके अलावा खपत बढ़ने का भी आवास बाजार पर प्रभाव पड़ा।
इस बीच, आवास बाजार में बने हुए मकानों की बिक्री में लगने वाला समय अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही में सालाना आधार पर 42 महीने से घटकर 33 महीने रह गया।
समीक्षा के मुताबिक, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रही है। इसके अलावा पीएम-किसान और पीएम गरीब कल्याण योजना जैसी योजनाओं ने देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की है।
समीक्षा में इस बात पर जोर दिया गया है कि रोजगार सृजित करने पर समावेशी वृद्धि होती है। आधिकारिक और अनौपचारिक, दोनों स्रोतों ने पुष्टि की है कि चालू वित्त वर्ष में रोजगार के स्तर में वृद्धि हुई है।
भाषा पाण्डेय अजय
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