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Sunday, 22 March, 2026
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बीबीसी वृत्तचित्र: दिल्ली पुलिस ने 24 छात्रों को हिरासत में लिया

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नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने 2002 के गुजरात दंगों पर बने बीबीसी के विवादास्पद वृत्तचित्र के प्रदर्शन की योजना बनाने को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय से 24 छात्रों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया।

इससे पहले वृत्तचित्र के प्रदर्शन को लेकर पिछले दिनों जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भी हंगामा हो चुका है।

पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा, ‘‘शाम करीब चार बजे लगभग 20 लोग प्रतिबंधित बीबीसी वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग के लिए कला संकाय के बाहर पहुंचे। इससे इलाके में शांति भंग हो सकती थी, इसलिए उनसे वहां से जाने को कहा गया।’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो शांतिपूर्ण तरीके से उन्हें हिरासत में ले लिया गया। कुल 24 लोगों को हिरासत में लिया गया।’’

इससे पहले विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर प्रस्तावित स्क्रीनिंग की जानकारी दी थी।

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोक्टर रजनी अब्बी ने कहा था कि विश्वविद्यालय प्रशासन स्क्रीनिंग नहीं होने देगा और छात्र संगठनों ने इसके लिए अनुमति नहीं मांगी है।

छात्र संगठनों के वृत्तचित्र के प्रदर्शन के आह्वान के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

पुलिस ने नॉर्थ कैंपस में बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने पर भी रोक लगा दी है।

इस बारे में जब एक अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि परिसर में दिसंबर में धारा 144 लागू की गई थी।

कांग्रेस से संबद्ध एनएसयूआई ने नॉर्थ कैंपस में शाम चार बजे वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग की घोषणा की थी, वहीं भीम आर्मी स्टूडेंट्स फेडरेशन ने कहा कि वह विश्वविद्यालय के कला संकाय के बाहर शाम पांच बजे स्क्रीनिंग करेगा।

कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर में घुसकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं को वृत्तचित्र के प्रदर्शन से रोका। हालांकि छात्रों ने फोन और लैपटॉप पर वृत्तचित्र देखने की वैकल्पिक व्यवस्था की थी।

बहरहाल, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे क्षेत्र में शांति कायम रखने के लिए जिले में सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों के परिसरों का दौरा कर रहे हैं।

वाम समर्थित एसएफआई ने आरोप लगाया कि वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग नहीं हो सकी क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिजली आपूर्ति रोक दी, लेकिन फिल्म के लिंक के साथ एक क्यूआर कोड छात्रों के साथ साझा किया गया ताकि वे अपने फोन, लैपटॉप आदि पर इसे देख सकें।

बीबीसी ने ‘इंडिया : द मोदी क्वेश्चन’ शीर्षक से दो भाग में एक नयी सीरीज तैयार की है। बीबीसी का दावा है कि यह सीरीज गुजरात में 2002 में हुए दंगों के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करती है। गुजरात दंगे के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे।

विदेश मंत्रालय ने दो भाग वाले इस वृत्तचित्र को ‘दुष्प्रचार का एक हिस्सा’ करार देते हुए सिरे से खारिज किया है और कहा है कि इसमें पूर्वाग्रह, निष्पक्षता की कमी और औपनिवेशिक मानसिकता स्पष्ट रूप से झलकती है।

सरकार ने बीबीसी के वृत्तचित्र ‘इंडिया : द मोदी क्वेश्चन’ का लिंक साझा करने वाले कई यूट्यूब वीडियो और ट्विटर पोस्ट को 21 जनवरी को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए थे।

भाषा

वैभव नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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