नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) भारत के कुछ इस्पात उत्पादों पर ब्रिटेन चार प्रतिशत प्रतिपूरक शुल्क (सीवीडी) नहीं लगाने पर सहमत हो गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इससे घरेलू व्यापारियों को निर्यात बढ़ाने में आसानी होगी।
भारतीय इस्पात उत्पादों (छड़ और रॉड) पर सीवीडी नहीं लगाने का ब्रिटेन का फैसला जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में द्विपक्षीय बैठकों के बाद आया है।
भारत की व्यापार रक्षा इकाई (टीडीडब्ल्यू) ने डब्ल्यूटीओ में द्विपक्षीय बैठकें की थीं और अपनी दलील में कहा था कि इससे ब्रिटेन के घरेलू उद्योग को कोई नुकसान नहीं होगा। टीडीडब्ल्यू ने ब्रिटेन से शुल्क लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था।
इसी तरह, भारत अमेरिका के वाणिज्य विभाग को भी भारतीय ‘क्वार्ट्ज सरफेस’ उत्पादों पर डंपिंग रोधी शुल्क में उल्लेखनीय कमी लाने के लिए राजी किया। अमेरिका ने पिछले साल जून में 161.56 प्रतिशत की शुल्क दर का प्रस्ताव किया था।
अधिकारी ने बताया, ”भारत के हस्तक्षेप के बाद इसे कम करके 3.19 प्रतिशत कर दिया गया है। अब भारतीय निर्यातक भी अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहेंगे।’’
भारत ने अमेरिका में 2017-18 में 264 करोड़ रुपये की इन वस्तुओं का निर्यात किया था, जो 2021 में बढ़कर 3,500 करोड़ रुपये का हो गया है।
भाषा अनुराग रमण
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