scorecardresearch
Wednesday, 25 February, 2026
होमदेशअसम: माघ बिहू उत्सव के पहले काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सामूहिक रूप से मछली पकड़ने पर प्रतिबंध

असम: माघ बिहू उत्सव के पहले काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में सामूहिक रूप से मछली पकड़ने पर प्रतिबंध

Text Size:

गोलाघाट (असम), 12 जनवरी (भाषा) काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में आगामी माघ बिहू उत्सव के दौरान सामूहिक रूप से मछली पकड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गोलाघाट के जिलाधिकारी पी उदय प्रवीण ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करते हुए कहा कि जंगल में अवैध प्रवेश से कानून और व्यवस्था की दिक्कतें होती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘…राज्य/जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग माघ बिहू के दौरान परंपरा की आड़ में जलाशय, नदियों और आर्द्रभूमि में सामूहिक रूप से मछली पकड़ने के लिए काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करते हैं।’’

यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 430 वर्ग किमी में फैला है जिसे विश्व स्तर पर एक सींग वाले गैंडों के लिए जाना जाता है। यह बाघ, हाथी, हिरण, जंगली सूअर और पक्षियों समेत कई जीव-जंतुओं की प्रजातियों का भी घर है।

प्रवीण ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि पार्क में अवैध प्रवेश और वन्यजीवों को नष्ट करना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सामूहिक रूप से मछली पकड़ने के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर यातायात जाम हो सकता है। जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘गोलाघाट जिले के अंतर्गत काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में जलाशय, नदियों और आर्द्रभूमि में अवैध प्रवेश और सामूहिक रूप से मछली पकड़ने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।’’

माघ बिहू या भोगली बिहू फसल कटाई के मौसम के अंत का प्रतीक है। संक्रांति से एक दिन पहले से एक सप्ताह तक लोग यह उत्सव मनाते हैं।

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments