नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में 1.54 लाख से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य केंद्रों में बदल दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले साल 31 दिसंबर तक 1.50 लाख आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर (एबी-एचडब्ल्यूसी) के लक्ष्य को पार करते हुए 1.54 लाख से अधिक उप-स्वास्थ्य केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को एबी-एचडब्ल्यूसी में बदल दिया गया है।’’
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के ‘मिशन स्टीयरिंग ग्रुप’ (एमएसजी) की आठवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मांडविया ने कहा कि एचडब्ल्यूसी में 2018 के बाद से 135 करोड़ से अधिक लोग आए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पहली बार केंद्र सरकार के समग्र दृष्टिकोण के अंतर्गत स्वास्थ्य को विकास के एजेंडे से जोड़ा जा रहा है। महामारी की अवधि ने अपने स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया है।”
एमएसजी एनएचएम की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था है। यह संस्था नीतियों तथा मिशन के कार्यक्रम क्रियान्वयन पर निर्णय लेती है।
इस अवसर पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल भी मौजूद थे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 (एनएचपी 2017) के दृष्टिकोण के अनुरूप एबी-एचडब्ल्यूसी समुदायों के निकट व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा दे रहे हैं। बारह स्वास्थ्य सेवाओं के पैकेज निःशुल्क उपलब्ध हैं।
बयान के अनुसार मांडविया ने कहा कि अपनी क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप, स्थानीय शक्ति और चुनौतियों के अनुकूल भारत का अपना स्वास्थ्य मॉडल हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय के दर्शन के साथ आगे बढ़ते हुए देश के हर कोने में प्रत्येक व्यक्ति को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना चाहती है।
भाषा देवेंद्र माधव
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