(मौमिता बक्शी चटर्जी)
नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) सरकार डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा के लिए नए नियमों के साथ ऑनलाइन गेमिंग की वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने यह बात कही।
उन्होंने साथ ही सचेत किया कि सरकार प्रस्तावित स्व-नियामक निकाय (एसआरओ) पर ‘कब्जा’ करने की इजाजत नहीं देगी। एसआरओ में समान प्रतिनिधित्व होगा और यह तटस्थ रहकर काम करेगा।
ऑनलाइन गेमिंग के लिए नियमों के मसौदे के तहत प्रस्तावित एसआरओ एक संस्थागत निकाय होगा, जो ऑनलाइन गेमिंग मध्यस्थों का पंजीकरण करेगा और यह प्रमाणित करेगा कि किस ऑनलाइन गेम को अनुमति है और किसे नहीं है।
मंत्री ने यह भी बताया कि आगामी डिजिटल इंडिया अधिनियम में ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं को होने वाले नुकसान, सुरक्षा और भरोसा, नशे की लत, इन मंचों से बच्चों की सुरक्षा जैसे कई ज्वलंत मुद्दों पर विचार किया जाएगा। नया कानून दो दशक से अधिक पुराने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की जगह लेगा।
केंद्र सरकार इस समय ऑनलाइन गेमिंग के नियमों के मसौदे पर सार्वजनिक रूप से सलाह ले रही है। इस सिलसिले में बुधवार को प्रमुख हितधारकों – माता-पिता, छात्रों और शिक्षाविदों के साथ चर्चा की गई।
कई शिक्षकों ने मंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि प्रस्तावित स्व-नियामक निकाय उद्योग से तटस्थ रहकर काम करे। साथ ही उन्होंने ऐसे मानदंड तैयार करने पर जोर दिया, जिससे उद्योग प्रक्रिया का दुरुपयोग न कर सके। आने वाले दिनों में परामर्श का अगला दौर ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के साथ होगा।
मंत्री ने बड़ी संख्या में माता-पिता, शिक्षकों, बच्चों और युवा गेमर्स की उपस्थिति में कहा कि उद्योग के सभी हितधारकों एसआरओ में ‘समान प्रतिनिधित्व’ होगा।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एसआरओ के दायित्वों का प्रस्ताव उसका बोर्ड करेगा और उसे मंजूरी सरकार देगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जवाबदेही और पारदर्शिता के सिद्धांत पर चल रहे हैं। सरकार निश्चित रूप से उद्योग को एसआरओ पर कब्जा करने की इजाजत नहीं देगी।’’
भाषा पाण्डेय अजय
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