नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) उप राज्यपाल वी के सक्सेना ने सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली में प्रशासन से जुड़े कुछ प्रावधानों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया।
दोनों में जारी गतिरोध के बीच उप राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के हित में ‘विवाद-रहित’ शासन के लिए नियमित बैठक करते रहें।
दिल्ली में उप राज्यपाल कार्यालय और आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के बीच अनेक मुद्दों पर गतिरोध रहा है, जिसमें अब वापस ले ली गई आबकारी नीति भी है।
केजरीवाल ने हाल में सक्सेना को लिखे पत्रों में दिल्ली नगर निगम के पीठासीन अधिकारी तथा एल्डरमैन के मनोनयन तथा हज समिति के सदस्यों की नियुक्ति पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या उप राज्यपाल के ‘प्रशासक’ होने का मतलब दिल्ली में चुनी हुई सरकार की अनदेखी करना है।
सक्सेना ने अपने पत्र में कहा कि दिल्ली में प्रशासन के प्रावधान किसी भी याचिकाकर्ता, वकील और आम आदमी के लिए पूरी तरह स्पष्ट हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको एक बैठक के लिए आमंत्रित करना चाहूंगा, जहां हम विषयों पर विस्तार से चर्चा कर सकें।’’
उप राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अक्टूबर 2022 तक उनसे नियमित मुलाकात करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने विधानसभा और निगम चुनावों में व्यस्तता का हवाला देते हुए भाग लेने में असमर्थता जताई।
उन्होंने कहा कि चुनाव हो चुके हैं और अब बैठकें बहाल होनी चाहिए। उप राज्यपाल ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय बैठक के लिए परस्पर सुविधा के हिसाब से कोई तारीख तय कर सकता है।
भाषा वैभव दिलीप
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