इस्लामाबाद, नौ जनवरी (भाषा) पाकिस्तान के नए सैन्य नेतृत्व ने विदेशी जासूसों को ‘गोपनीय जानकारी’ देने के दोषी एक सेवानिवृत्त जनरल को माफी देते हुए जेल से रिहा कर दिया। एक मीडिया रिपोर्ट में सोमवार को यह जानकारी दी गई है।
डॉन समाचार पत्र ने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जावेद इकबाल के वकील के हवाले से कहा कि उनकी योजना उन्हें दोषी ठहराने के सैन्य न्यायाधिकरण के फैसले को दी गई चुनौती जारी रखने की है, जब तक कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से बरी नहीं कर दिया जाता।
देश के नए सैन्य नेतृत्व ने उनके मामले की समीक्षा की और इकबाल को 29 दिसंबर को रावलपिंडी की अदियाला जेल से रिहा कर दिया गया।
उनके वकील उमर फारूक अदम ने कहा कि नए सैन्य नेतृत्व को पिछली व्यवस्था द्वारा ‘उनके साथ किए गए अन्याय का एहसास’ था।
कोर्ट मार्शल ने इकबाल को 30 मई, 2019 को 14 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान में इसे आजीवन कारावास कहा जाता है। लेकिन वह चार साल बाद जेल से बाहर आ गए।
एक अपीलीय प्राधिकार ने मई 2021 में 14 साल की उनकी सजा को सात साल में बदल दिया था। बाद में, तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने उनकी सजा ढाई साल और कम कर दी। इस प्रकार जेल में बंद पूर्व सैन्य अधिकारी को इस साल 29 मई को रिहा किया जाना था, लेकिन नए सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने उनकी सजा पूरी तरह से माफ कर दी। इससे उनकी जल्द रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया।
भाषा अविनाश मनीषा
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