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Wednesday, 4 March, 2026
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अन्य को मौका देने के केंद्र के दिशानिर्देशों के तहत कर्नाटक की झांकी को ‘ना’ कहा गया : अधिकारी

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बेंगलुरु, आठ जनवरी (भाषा) कर्नाटक सरकार ने रविवार को स्पष्ट किया कि राज्य की झांकी को इस साल गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने का मौका केंद्र सरकार के उस दिशानिर्देशों का पालन करने के चलते नहीं मिला जिसमें पिछले आठ वर्षों के दौरान कम बार भाग लेने वाले राज्यों को अवसर प्रदान करने की बात कही गई है।

लगातार 13 वर्षों तक राज्य की संस्कृति का प्रदर्शन करने के बाद, इस वर्ष नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड से कर्नाटक की झांकी को बाहर किए जाने के विवाद के बाद यह स्पष्टीकरण आया है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने राज्य के गौरव को बनाए रखने की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए इस संबंध में राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

गणतंत्र दिवस झांकी के नोडल अधिकारी सी.आर. नवीन ने एक बयान में कहा, ‘‘इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में राज्यों की झांकी के हिस्सा लेने के संबंध में, भारत सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें उन राज्यों को अवसर प्रदान करने की बात है जिन्होंने पिछले 8 वर्षों के दौरान इसमें भाग नहीं लिया है या सबसे कम बार भाग लिया है। इसलिए, कर्नाटक राज्य को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने का मौका नहीं मिला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, यदि पिछले वर्ष भाग लेने वाले राज्यों की सूची और इस वर्ष चयनित राज्यों की तुलना की जाती है, तो यह स्पष्ट है कि 2022 में पुरस्कार जीतने वाले सभी तीन राज्यों का चयन इस वर्ष नहीं किया गया है। साथ ही तीन राज्यों को छोड़कर, पिछले साल भाग लेने वाले शेष राज्यों का चयन नहीं किया गया है।’’

कर्नाटक ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के दौरान एक झांकी के माध्यम से अपने मोटे अनाज की विविधता प्रदर्शित करने का प्रस्ताव दिया था। राज्य की झांकी को पिछले साल दूसरा सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया था।

सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में कर्नाटक भाग नहीं लेगा, राज्य की झांकी को अस्वीकार किया जाना यह दर्शाता है कि यहां की भाजपा सरकार हमारे राज्य के गौरव को बनाए रखने के लिए कितनी गंभीर है।’’

कांग्रेस नेता ने कई ट्वीट करके आरोप लगाया कि ‘‘अक्षम और कमजोर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और उनके कैबिनेट मंत्री 40 प्रतिशत कमीशन के माध्यम से सरकारी संसाधनों को लूटने के बारे में चिंतित हैं। अगर उन्होंने विषय को तैयार करने में थोड़ा और विचार किया होता, तो कर्नाटक गणतंत्र दिवस पर अपनी झांकी प्रस्तुत कर सकता था।’’

उन्होंने कहा ‘‘राज्य भाजपा सरकार ने अपने आलाकमान के हितों को समायोजित करने के लिए हमारे गौरव को छोड़ दिया है। क्या भाजपा के किसी भी सांसद ने हमारी झांकी को अस्वीकृत किये जाने पर आपत्ति जताई है?’’

भाषा अमित रंजन शफीक

शफीक

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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