भदेरवाह/जम्मू, आठ जनवरी (भाषा) जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में पिछले महीने एक कार के चेनाब नदी में गिर जाने के बाद मृत मान लिये गये एक दंपति और उनकी छह साल की बेटी 20 दिन बाद हरियाणा में जीवित पाए गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनजीत सिंह ने अपना कर्ज चुकाने से बचने के लिए हादसे का नाटक रचा था, लेकिन फिल्मी शैली वाली उसकी इस हरकत को पुलिस ने बेनकाब कर दिया और उसे हरियाणा के पंचकूला में ढूंढ निकाला। अधिकारी ने कहा कि पुलिस उसे कानून का सामना करने के लिए वापस यहां लेकर आयी है।
अधिकारी ने बताया कि 20 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी कि 31 वर्षीय सिंह जब अपनी पत्नी एवं बेटी के साथ भदेरवाह से जम्मू जा रहे थे, तो डोडा जिले में गाडसू के समीप उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गयी और तीनों लापता हो गये।
उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद पुलिस एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी बचाव अभियान का निरीक्षण करने के लिए तत्काल दुर्घटनास्थल पर गये। उनके अनुसार, जहां कार नदी में लुढक गयी थी, वहां पुलिस टीम को सिंह के दो पहचान पत्र, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक ई-श्रमकार्ड और एक पर्स मिला।
अधिकारी के मुताबिक, चेनाब नदी से कार मिल गई, लेकिन एसडीआरएफ टीम समेत बचावकर्मियों को कई दिनों तक अभियान चलाने के बाद भी शव या बैग नहीं मिले।
उन्होंने कहा कि तब पुलिस लापता परिवार की वित्तीय स्थिति जैसे अन्य पहलुओं को खंगालने लगी और जांच के दौरान पता चला कि सिंह ने अपना कारोबार खड़ा करने के लिए विभिन्न बैंकों एवं निजी ऋणदाताओं से 30 लाख रुपये कर्ज के तौर पर लिये थे।
उन्होंने बताया कि तब पुलिस को संदेह हुआ और डोडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल कयूम ने लापता परिवार का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम बनायी।
अधिकारी ने बताया कि हरियाणा पुलिस की मदद से इस परिवार को पंचकूला के अभयपुरा गांव से ढूंढा गया और उन्हें डोडा वापस लाया गया।
उन्होंने कहा कि सिंह के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप
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