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Tuesday, 24 February, 2026
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तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल के लिए शानदार रहा बीता वर्ष

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(जे शिवप्रसन्न कुमार)

चेन्नई , एक जनवरी (भाषा) तमिलनाडु में बीता वर्ष अर्थात 2022 सत्तारूढ़ द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के लिए राजनीतिक रूप से शानदार रहा जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एम करुणानिधि के परिवार से तीसरी पीढ़ी के नेता उदयनिधि स्टालिन राज्य में मंत्री बने वहीं मुख्य प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक आरोप-प्रत्यारोप, अवसरवादिता तथा गुटबाजी की शिकार नजर आई।

राज्य की राजनीति में एक समय हाशिए पर रहने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक महत्वपूर्ण शक्ति बनकर उभरी और द्रमुक की कटु आलोचना के कारण चर्चा में रही।

पिछले वर्ष 23 अक्टूबर को कोयंबटूर के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाके में कार विस्फोट हुआ। इस घटना की तीखी आलोचना होने और राज्य सरकार पर प्रश्न उठने के बाद राज्य सरकार को मामले को जांच के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंपना पड़ा।

अन्नाद्रमुक से जुड़ी कम से कम से कम चार शख्सियतों- पूर्व मुख्यमंत्रियों के. पलानीस्वामी और ओ पन्नीरसेल्वम तथा पार्टी से निष्कासित वी के शशिकला तथा उनके भतीजे टी टी वी दिनाकरण ने खुद को पार्टी की संस्थापक दिवंगत एम जी रामचंद्रन और दिवंगत जे जयललिता के उत्तराधिकारी के तौर पर पेश किया। इनमें से शशिकला और दिनाकरण को पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है।

लेकिन हकीकत यह है कि जयललिता के निधन के बाद शशिकला और दिनाकरण पार्टी के अंतरिम महासचिव पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के प्रभुत्वशाली धड़े के लिए महत्वहीन हो चुके हैं।

मजबूत समाजवादी चरित्र तामिलनाडु की राजनीति की धुरी रहा है, भाजपा ऐसे में राष्ट्रवाद की बात करके आगे बढने की कोशिश में जुटी है। भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के.अन्नामलाई को उम्मीद है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने पार्टी सदस्यों के लिए ऊंचे लक्ष्य निर्धारित किए हैं जिनमें मुख्य है या तो अच्छा प्रदर्शन करो या काबिल लोगों के लिए रास्ता छोड़ो।

भाजपा के राज्य इकाई के उपाध्यक्ष एम चक्रवर्ती ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव और उसके बाद 2026 के राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा और द्रमुक के बीच सीधा मुकाबला होगा।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी 39 सीटों को जीतने का लक्ष्य तय किया है। 2019 के चुनाव में पार्टी ने 38 सीटों पर जीत हासिल की।

वह ‘सारी 40 सीटें और राज्य हमारा होगा’ के नारे के साथ चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।

नीट में छूट और नयी शिक्षा नीति जैसी अनेक चुनौतियों के बावजूद स्टालिन तमिलनाडु की राजनीति में कद्दावर नेता बनकर उभरे हैं और द्रमुक तथा उसके सहयोगियों को एकजुट रखने में सफल रहे हैं।

वहीं, अन्नाद्रमुक में आंतरिक घमासान मचा है। पलानीस्वामी ने पनीरसेल्वम के साथ फिर से तालमेल की सारी संभावनाओं को बंद कर दिया है। उनका आरोप है कि पनीरसेल्वम अन्नाद्रमुक को निष्क्रिय कर रहे हैं।

पिछले साल ही मक्कल निधी मैयम (एमएमएम) के संस्थापक और अभिनेता कमल हासन को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होते देखा गया।

कुंभकोणम की एक निचली अदालत ने उदयरपलायम लूट कांड और 94 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 19 प्राचीनकालीन मूर्तियों को आर्ट ऑ द पास्ट गैलरी, न्यूयॉर्क (अमेरिका) में अवैध तरीके से भेजे जाने के मामले में अंतरराष्ट्रीय विक्रेता सुभाष चंद्र कपूर और उसके पांच अन्य सहयोगियों को दोषी ठहराया तथा 10 साल के कारावास की सजा सुनाई।

भाषा

शोभना वैभव

वैभव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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