नयी दिल्ली, 28 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कर अधिकारियों से 2017-18 और 2018-19 के जीएसटी ऑडिट के दौरान सामने आये इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) दावों में अंतर के समाधान के लिये बिलों के ब्योरे का सत्यापन करने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि कर अधिकारियों के 2017-18 और 2018-19 के लिये जीएसटी ऑडिट के दौरान इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) दावों में अंतर के मामले आए थे। उसके बाद करदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये थे।
सीबीआईसी ने परिपत्र में कहा कि कारोबारियों के साथ-साथ कर प्राधिकरणों से कई प्रतिवेदन मिले हैं। इन प्रतिवेदनों में 2017-18 और 2018-19 के दौरान पंजीकृत व्यक्तियों द्वारा अपने फॉर्म जीएसटी-3बी के जरिये ली गयी आईटीसी राशि और जीएसटीआर-2ए फॉर्म में उपलब्ध राशि के बीच अंतर के मामलों के निपटने के तरीकों को लेकर स्पष्टीकरण मांगे गये हैं।
यह पहली बार है, जब जीएसटी प्राधिकरण नई कर व्यवस्था का ऑडिट शुरू कर रहा है। जीएसटी एक जुलाई, 2017 से अमल में आया है।
सीबीआईसी ने आदेश में कानूनी प्रावधानों के क्रियान्वयन में एकरूपता सुनिश्चित करने को कहा है।
भाषा
रमण अजय
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