नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने ”किशोर रोमांस” से संबंधित बलात्कार और पॉक्सो मामले में 20 वर्षीय एक युवक को यह उल्लेख करते हुए जमानत दे दी कि कि लड़की ने उसकी रिहाई के लिए खुद उसके ‘जमानती’ के रूप में खड़े होने की पेशकश की।
लड़की की मां द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी से जुड़े मामले में लड़के की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि प्रथम दृष्टया, याचिकाकर्ता और लड़की के बीच आपसी सहमति से शारीरिक संबंध थे, जिनकी उम्र घटना के समय क्रमश: 18 और 17 साल थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि यह ‘‘किशोर रोमांस’’ का मामला है और अब बालिग हो चुकी लड़की याचिकाकर्ता को अपना पति मानती है तथा उसके साथ रहना चाहती है।
न्यायाधीश ने 22 महीने से अधिक समय से हिरासत में बंद याचिकाकर्ता को दो ‘ज़मानतियों’ के साथ 10,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लड़की ने खुद लड़के के ‘जमानती’ के रूप में खड़े होने की पेशकश की है।
अदालत ने 21 दिसंबर के अपने आदेश में रिकॉर्ड किया कि लड़की को याचिकाकर्ता से एक बच्चा है तथा वर्तमान में वह अपने माता-पिता के साथ रह रही है तथा उसने स्वीकार किया है कि लड़के से उसने शादी की थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध थे।
इसने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए याचिकाकर्ता को जमानत दी जाती है।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
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