तिरुवनंतपुरम, 21 दिसंबर (भाषा) सुरक्षा एजेंसियां केरल के उस परिवार के इरादों का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं जो छह महीने पहले अपना घर छोड़कर यमन चला गया था।
यमन को कट्टर धार्मिक समूहों का गढ़ माना जाता है।
इस मामले की स्थानीय स्तर पर जांच कर रहे पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि पति, पत्नी और उनके चार बच्चों वाला परिवार नौकरी के सिलसिले में पिछले 12 वर्षों से दुबई में रह रहा था।
उन्होंने कहा कि वे छह महीने पहले अपने परिवार में किसी परिजन की मौत के बाद कासरगोड जिले में अपने घर गए थे। इसके बाद, उनके यमन जाने का संदेह है।
पुलिस अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ यमन जैसे देशों में भारतीय नागरिकों की किसी भी अवैध गतिविधि की आधिकारिक तौर पर जानकारी दी जा सकती है। जिस परिवार पर यमन की यात्रा करने का संदेह है, उसके इरादे का पता नहीं चल पाया है। ’’
उन्होंने कहा कि व्यक्ति और उसकी पत्नी दोनों बेंगलुरु से एमबीए स्नातक हैं और उनके चार बच्चे क्रमश : एक, दो, आठ और 12 वर्ष के हैं।
पुलिस अधिकारी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है कि वे इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकवादी समूह की विचारधारा से आकर्षित होकर पश्चिम एशियाई देश गए हैं अथवा किसी अन्य कारण से।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ देश से उनके गायब होने के धार्मिक कारण भी हो सकते हैं। यमन के कुछ धार्मिक संस्थान धार्मिक रूप से कट्टर व्यक्तियों के पसंदीदा स्थान हैं। ’’
केरल पुलिस ने कहा था कि राज्य के कई लोगों के बीते कुछ वर्षों के दौरान आईएस में शामिल होने का संदेह है।
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