नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के चुनावों में हार का सामना करने वाली एक उम्मीदवार ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष पीटी उषा सहित असाधारण खिलाड़ियों (एसओएम) के चुनाव लड़ने की योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले उनकी सदस्यता को आम सभा द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था।
अलकनंदा अशोक से संयुक्त सचिव (महिला) का चुनाव हारने वाली सुमन कौशिक ने आईओए आम सभा में यह आपत्ति जताई, लेकिन चुनाव अधिकारी ने इसे खारिज कर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया।
कौशिक ने कहा कि महासभा द्वारा सदस्य के रूप में पुष्टि किए जाने से पहले एसओएम नामांकन पत्र दाखिल करने के योग्य नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ एसओएम को अभी तक आम सभा द्वारा सदस्य के रूप में अनुमोदित नहीं किया गया है, तो उन्हें आईओए के पदाधिकारियों के लिए उम्मीदवार या मतदाता के रूप में चुनाव लड़ने के लिए नामांकन जमा करने के योग्य कैसे माना जा सकता है।’’
उन्होंने आईओए महासचिव राजीव मेहता को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘इसी तर्क के मुताबिक वे प्रस्तावक और अनुमोदक के रूप में कार्य नहीं कर सकते, चाहे जैसा भी मामला हो।’’
उन्होंने इस पत्र की प्रति उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश एल नागेश्वर राव और निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा को भी भेजी।
उन्होंने कहा, ‘‘ माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष सात दिसंबर को सुनवाई निर्धारित की गई थी। हालांकि, अब तिथि को बदलकर 10 जनवरी (2023) कर दिया गया है, इसलिए हम यहां सदन के समक्ष यह आपत्ति उठा रही हूं।’’
नियमों के मुताबिक एक उम्मीदवार के साथ-साथ उसका प्रस्तावक और अनुमोदक निर्वाचक मंडल का सदस्य होना चाहिए।
चुनाव अधिकारी सिन्हा ने हालांकि आपत्ति को खारिज कर चुनाव कराया। बाद में उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा कि उन्होंने सिर्फ न्यायालय के आदेश का पालन किया।
भाषा आनन्द सुधीर
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