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Tuesday, 13 January, 2026
होमदेश2008 मामला: दो भाजपा नेताओं के खिलाफ आरोप तय करने की अनुमति का आदेश बरकरार

2008 मामला: दो भाजपा नेताओं के खिलाफ आरोप तय करने की अनुमति का आदेश बरकरार

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नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक सत्र अदालत ने एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के लिए मारपीट या आपराधिक बल प्रयोग सहित अन्य अपराधों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं- मनोज शौकीन और मास्टर आजाद सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का मजिस्ट्रेट अदालत का आदेश बरकरार रखा है।

शौकीन पूर्व विधायक हैं, जबकि सिंह उत्तरी दिल्ली के मेयर रह चुके हैं।

अदालत ने, हालांकि, मजिस्ट्रेट अदालत को आपराधिक धमकी वाले अपराध के आरोप में संशोधन करने का निर्देश दिया।

सत्र अदालत शौकीन और सिंह की पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जहां उन्होंने दलील दी थी कि उनके खिलाफ आरोप तय करने का मजिस्ट्रेट अदालत का आदेश टिकाऊ नहीं था।

अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश में कोई कानूनी खामी नहीं है, क्योंकि दंड प्रक्रिया संहिता के तहत शिकायत पहले से ही रिकॉर्ड में थी।

किसी तरह के अपराध न होने की भाजपा नेताओं की दलील खारिज करते हुए अदालत ने कहा, ‘‘शिकायत और गवाह के बयानों के अनुसार, दोनों ने कांस्टेबल पवन के साथ दुर्व्यवहार किया था।

शिकायत के अनुसार, मामला 19 नवंबर, 2008 का है जब शौकीन अपनी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे।

भाषा सुरेश मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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