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Tuesday, 20 January, 2026
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राज्यों की चीनी मिलों ने निर्यात कोटे में से पांच लाख टन चीनी अधिक मूल्य पर बेची

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नयी दिल्ली, 16 नवंबर (भाषा) निर्यात करने के लिए बंदरगाह से दूरी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों ने मजबूत वैश्विक कीमतों के बीच अपने निर्यात कोटा में से करीब पांच लाख टन चीनी 2,500-4,000 रुपये प्रति टन के प्रीमियम यानी ऊंचे मूल्य पर बेची है।

पांच नवंबर को घोषित वर्ष 2022-23 की चीनी निर्यात नीति में 31 मई तक कोटा के आधार पर 60 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी गई थी।

चीनी मिलों को खुद से या निर्यातकों के माध्यम से निर्यात करने या किसी अन्य मिल के घरेलू बिक्री कोटा के साथ अदला-बदली करने की अनुमति थी।

अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) के अध्यक्ष प्रफुल विठलानी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में स्थित चीनी मिलों के पास निर्यात करने के लिए पास में कोई बंदरगाह नहीं हैं, और वे किसी और बंदरगाह से निर्यात करना चाहें भी तो उसमें परिवहन की भारी लागत आती है।

उदाहरण के लिए बंदरगाहों तक चीनी ले जाने की औसत परिवहन लागत महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में लगभग 1,000 रुपये प्रति टन है, जो उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों को प्रति टन 2,200 रुपये यानी दोगुनी से भी अधिक बैठती है।

परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों की चीनी मिलों ने प्रीमियम दर पर अपने निर्यात कोटा का लगभग पांच लाख टन का कारोबार किया है।’

विठलानी ने कहा कि चीनी की वैश्विक कीमतों में तेजी को देखते हुए इन चीनी मिलों ने 2,500-4,000 रुपये प्रति टन के प्रीमियम पर चीनी की बिक्री की है।

दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक और दूसरे सबसे बड़े निर्यातक देश भारत द्वारा वर्ष 2022-23 सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए अपनी निर्यात नीति की घोषणा के बाद से वैश्विक चीनी की कीमतों में मजबूती आई है।

चीनी मिलों ने 60 लाख टन के कुल निर्यात कोटे में से अबतक 41 लाख टन की ढुलाई का अनुबंध किया है। उन्होंने कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में चीनी मिलों के लिए आवंटित निर्यात कोटा से 5,00,000 टन की अदला-बदली की गई मात्रा शामिल है।

वर्ष 2021-22 सत्र में देश ने 1.1 करोड़ टन चीनी का निर्यात किया था।

भाषा राजेश राजेश अजय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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