scorecardresearch
Wednesday, 14 January, 2026
होमदेशएल्गार परिषद मामला: गौतम नवलखा के लिए जमानतदार बनीं सुहासिनी मुले

एल्गार परिषद मामला: गौतम नवलखा के लिए जमानतदार बनीं सुहासिनी मुले

Text Size:

मुंबई, 16 नवंबर (भाषा) अभिनेत्री सुहासिनी मुले एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में आरोपी कार्यकर्ता गौतम नवलखा के लिए जमानतदार बनीं। नवलखा को जेल से रिहा करके घर में नजरबंद किया जा सकता है।

नवलखा (70) का दावा है कि वह अप्रैल 2020 से जेल में हैं और अनेक रोगों से जूझ रहे हैं।

उच्चतम न्यायालय ने 10 नवंबर को उनकी याचिका पर उन्हें एक महीने घर में नजरबंद रखने की अनुमति दी थी और कहा था कि 48 घंटे के अंदर आदेश का पालन होना चाहिए। लेकिन वह अब भी जेल में हैं क्योंकि रिहाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकीं।

‘भुवन शोम’ और ‘हू तू तू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं मुले राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश राजेश कटारिया के समक्ष पेश हुईं और कहा कि वह नवलखा के लिए जमानतदार के रूप में प्रस्तुत हुई हैं।

जमानत में यह जिम्मेदारी ली जाती है कि जेल से रिहा होने वाला व्यक्ति निर्देश मिलने पर अदालत में पेश होगा।

मुले (71) ने कहा कि वह 30 साल से ज्यादा समय से नवलखा को जानती हैं क्योंकि नवलखा दिल्ली से हैं जहां वह कुछ समय रही हैं।

मुले ने अदालत में यह भी कहा कि वह अतीत में पहले किसी के लिए जमानतदार के रूप में प्रस्तुत नहीं हुईं और यह अदालत में उनकी पहली पेशी है।

मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित ‘एल्गार परिषद’ सम्मेलन में दिये गये कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है। पुलिस का दावा है कि भाषणों से अगले दिन पुणे जिले के कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा भड़क गयी थी।

पुणे पुलिस ने दावा किया था कि प्रतिबंधित नक्सली संगठनों से जुड़े लोगों ने सम्मेलन का आयोजन किया था।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments