मेलबर्न, 13 नवंबर (भाषा) सैम करन की अगुवाई में शानदार गेंदबाजी के बाद बेन स्टोक्स (नाबाद 52 रन) के अर्धशतक से इंग्लैंड ने रविवार को यहां टी20 विश्व कप 2022 के रोमांचक फाइनल में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर दूसरी बार चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया।
इंग्लैंड ने 2010 में वेस्टइंडीज में पॉल कोलिंगवुड की कप्तानी में पहला टी20 विश्व कप खिताब जीता था।
इंग्लैंड के बायें हाथ के तेज गेंदबाज सैम करन और लेग स्पिनर आदिल राशिद ने पाकिस्तानी बल्लेबाजी लाइनअप को इतने दबाव में ला दिया था कि प्रतिद्वंद्वी टीम आठ विकेट पर 137 रन ही बना सकी।
पाकिस्तान की कमाल की गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड की टीम दबाव में आ गयी थी लेकिन शाहीन शाह अफरीदी (2.1 ओवर में 13 रन देकर एक विकेट) के चोटिल होकर मैदान से बाहर जाने के बाद मैच का रूख बदल गया। स्टोक्स की 49 गेंद (पांच चौके, एक छक्का) की पारी से इंग्लैंड 19 ओवर में पांच विकेट पर 138 रन बनाकर चैम्पियन बना। स्टोक्स ने 2019 वनडे विश्व कप में भी अपनी टीम को चैम्पियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी।
पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम की इसी मैदान पर अपने देश के महान क्रिकेटर इमरान खान की उपलब्धि (1992 की 50 ओवर की विश्व कप विजेता टीम) की बराबरी करने की तमन्ना पूरी नहीं हो सकी।
इंग्लैंड की शुरूआत अच्छी नहीं रही, उसने पावरप्ले में 49 रन पर तीन विकेट गंवा दिये थे जबकि इस समय पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 39 रन था।
पाकिस्तान को पहली सफलता अफरीदी ने दिलायी जिन्होंने पहले ही ओवर में सलामी बल्लेबाज एलेक्स हेल्स (01)को बोल्ड कर दिया। हेल्स ने भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में नाबाद 86 रन बनाये थे।
इस झटके के बाद इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर (17 गेंद में 26 रन) और फिल सॉल्ट (10) संभलकर खेलते हुए 25 रन ही जोड़ सके थे। तभी चौथे ओवर में दो गेंद डालने के बाद हारिस रऊफ (23 रन देकर दो विकेट) ने गुडलेंथ गेंद पर सॉल्ट को आउट किया जो लेग साइड में पुल करने के प्रयास में मिडविकेट पर इफ्तिखार अहमद को आसान कैच दे बैठे।
रऊफ ने अपने दूसरे ही ओवर में खतरनाक दिख रहे बटलर को अपना दूसरा शिकार बनाया जब गेंद इंग्लैंड के कप्तान के बल्ले को चूमकर सीधे विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान के हाथों में समां गयी।
दस ओवर में पाकिस्तान का स्कोर दो विकेट 68 रन था जबकि इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 77 रन बनाये थे।
स्टोक्स और हैरी ब्रुक (23 गेंद में 20 रन) चौथे विकेट के लिये अच्छी साझेदारी की ओर बढ़ रहे थे कि शादाब खान (20 रन देकर एक विकेट) ने इस 39 रन की भागीदारी का अंत किया।
ब्रुक बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को ऊंचा खेल बैठे और कवर में अफरीदी को कैच देकर आउट हुए। कैच लपकते वक्त पैर की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण अफरीदी मैदान से बाहर चले गये जिससे इंग्लैंड का स्कोर चार विकेट पर 84 रन हो गया।
इसके बाद अफरीदी अपना तीसरा ओवर करने उतरे लेकिन एक गेंद डालने के बाद उन्हें दर्द के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे इफ्तिखार को गेंदबाजी पर लगाया गया और यहीं मैच का रूख बदल गया। स्टोक्स ने इफ्तिखार पर लगातार एक चौका और एक छक्का लगाकर दबाव कम किया।
क्रीज पर उतरे मोईन अली (12 गेंद में 19 रन) ने 17वें ओवर में तीन चौके जड़ दिये जिससे तीन ओवर में इंग्लैंड को 12 रन चाहिए थे।
अली पांचवें विकेट के लिये स्टोक्स के साथ 48 रन की भागीदारी निभाकर 19वें ओवर में मोहम्मद वसीम की गेंद पर बोल्ड हुए जिससे जीत की औपचारिकता पूरी करने लियाम लिविंगस्टन (नाबाद 01) क्रीज पर उतरे। इस तरह इंग्लैंड ने इसी प्रतिद्वंद्वी पर 1992 का विश्व कप फाइनल गंवाने का बदला चुकता किया।
इससे पहले इंग्लैंड के लिये गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस साल के शुरू में चोट से वापसी करने वाले करन ने चार ओवर में 12 रन देकर तीन विकेट हासिल कर बड़े मैच में अपनी काबिलियत साबित की।
वहीं राशिद भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने बीच के ओवरों में रन गति पर लगाम कसी जिसमें उन्होंने और करन ने मिलकर 25 डॉट गेंद डाली।
एमसीजी की पिच पर काफी उछाल और तेजी है लेकिन बटलर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली गेंदबाजी जोड़ी (करन और राशिद) ने इसका विपरीत किया, दोनों ने अपनी गेंदों की रफ्तार कम की।
राशिद ने 75 किमी प्रति घंटे जबकि करन ने 126 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी जिससे पाकिस्तानी बल्लेबाजों के लिये रन जोड़ना मुश्किल हो गया।
आजम (28 गेंद में 32 रन) और रिजवान (14 गेंद में 15 रन) ने सतर्क शुरूआत की जैसा कि वे पिछले एक साल से करते रहे हैं।
करन इंग्लैंड के लिये पूरे टूर्नामेंट में सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज रहे हैं, जिससे उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के साथ ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया। उन्होंने कोण लेती फुल लेंथ पर रिजवान को बोल्ड किया।
मोहम्मद हारिस (12 गेंद में आठ रन) राशिद के सामने जूझते नजर आये और उन्हीं का शिकार बने।
राशिद ने उन्हें शॉट खेलने के लिये ललचाया और वह लांग आन पर कैच देकर आउट हुए।
बाबर ने दो चौके लगाये लेकिन वह रन गति बढ़ाने में जूझते रहे।
बल्कि शान मसूद (28 गेंद में 38 रन) अपने कप्तान से कहीं आक्रामक दिख रहे थे जबकि वह प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ तेजी से रन जुटाने से पहले क्रीज पर थोड़ा समय लेते हैं।
बटलर ने लिविंगस्टन को उनकी ऑफ ब्रेक गेंदों के लिये उन्हें गेंदबाजी पर लगाया लेकिन मसूद ने एक चौके और एक छक्के से इस ओवर में 14 रन जोड़ लिये।
बाबर दूसरे छोर पर राशिद की गुगली में फंस गये और इंग्लैंड के इस लेग स्पिनर ने कैच लपककर उनकी पारी का अंत किया।
इफ्तिखार (शून्य) छह गेंद खेलने के बाद स्टोक्स का शिकार हुए जिससे 13वें ओवर में पाकिस्तान का स्कोर चार विकेट पर 85 रन था।
मसूद अच्छी पारी की ओर बढ़ रहे थे लेकिन करन की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गये। करन ने भी अपने वैरिएशन लेती गेंदों से उनके संयम की परीक्षा ली और इसमें खरे उतरे।
शादाब खान ने 14 गेंद में 20 रन बनाये।
भाषा नमिता पंत
पंत
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