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Saturday, 11 April, 2026
होमखेलमुझे नहीं लगता कि खिलाड़ियों को स्वाभाविक रूप से ‘मैच-अप’ में विश्वास करने की जरूरत है: अश्विन

मुझे नहीं लगता कि खिलाड़ियों को स्वाभाविक रूप से ‘मैच-अप’ में विश्वास करने की जरूरत है: अश्विन

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(कुशान सरकार)

मेलबर्न, पांच नवंबर (भाषा) भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन प्रक्रिया के अनुसार चलना पसंद करते हैं और वह ‘मैच-अप’ पर बहुत अधिक निर्भर नहीं रहना चाहते हैं जो कि टी20 क्रिकेट में काफी प्रचलित हो रहा है।

भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ‘मैच-अप’ में काफी विश्वास रखते हैं और पिछले कुछ समय से इस पूर्व भारतीय कप्तान की देखरेख में टीम प्रबंधन आंकड़ों के अनुसार फैसले करता रहा है।

अश्विन ने जिंबाब्वे के खिलाफ सुपर 12 के अंतिम मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘ मुझे नहीं लगता कि खिलाड़ियों के लिए ‘मैच-अप’ में विश्वास करना स्वाभाविक तौर पर जरूरी है, लेकिन यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर टीम अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं।’’

‘मैच-अप’ एक अवधारणा है जिसमें आंकड़ों के आधार पर कोई टीम यह तय करती है कि कौन सा गेंदबाज किस बल्लेबाज पर हावी हो सकता है और किस खास समय में कौन सा बल्लेबाज चल सकता है।

अश्विन ने कहा,‘‘ इसका (मैच-अप) का एक पहलू तमाम चीजों के लिए रणनीति बनाना है लेकिन एक गेंदबाज के तौर पर आपको लगातार कई बल्लेबाजों के लिए गेंदबाजी करनी होती है।’’

अश्विन इस पर विश्वास नहीं करते कि किसी एक गेंदबाज को किसी एक खास बल्लेबाज को ही गेंदबाजी करनी चाहिए।

उन्होंने कहा,‘‘ मेरा मानना है कि यह चीज मौजूद है और उसे निश्चित तौर पर विकसित किया जा रहा है। एक खेल इकाई के तौर पर इस पर विश्वास करना मुश्किल है कि यह गेंदबाज उस खास बल्लेबाज के लिए ही गेंदबाजी करेगा। इस तरह से काम नहीं चल सकता है। लेकिन मेरा मानना है कि इससे टीमों को रणनीतिक लाभ मिल रहा है।’’

उन्होंने कहा कि एक गेंदबाज के तौर पर आपको यह पता होना चाहिए कि दबाव कैसे बनाया जा सकता है।

अश्विन ने कहा,‘‘ आपके लिए यह जानना जरूरी है कि कमजोर पक्ष क्या है। आपको उस पर लगातार काम करना होता है और फिर बेहतर बनना पड़ता है। आप इसको अपने कौशल में जोड़ सकते हैं चाहे आप बल्लेबाजी कर रहे हो या गेंदबाजी। ’’

भारत में ऑस्ट्रेलियाई सर्दियों के समय कभी ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट नहीं खेली और इसलिए अश्विन के पास कोई संदर्भ नहीं है कि उन्हें क्या उम्मीद करनी चाहिए।

उन्होंने कहा,‘‘ यह कहना अनुचित होगा कि यह अलग है क्योंकि हम साल के इन दिनों में ऑस्ट्रेलिया में कभी क्रिकेट नहीं खेले हैं। आमतौर पर जब क्रिकेट की बात आती है तब परिस्थितियां महत्वपूर्ण होती हैं। आपके लिए परिस्थितियों को समझना जरूरी होता है।’’

भाषा पंत मोना

मोना

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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