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Tuesday, 20 January, 2026
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भारत की अध्यक्षता में जी20 व्यापक आर्थिक कमजोरियों, वर्चुअल मुद्रा पर ध्यान केंद्रित करेगा: सीईए

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नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) भारत की अध्यक्षता में जी20 व्यापक आर्थिक कमजोरियों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देगा। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने मंगलवार को यह बात कही। भारत एक दिसंबर, 2022 से एक साल के लिए जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा।

जी20 विकसित और विकासशील देशों का एक समूह है, जिसकी वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में जी20 की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी है और दुनिया की दो-तिहाई आबादी इन देशों में रहती है।

आर्थिक शोध संस्थान इक्रियर द्वारा आयोजित एक चर्चा में नागेश्वरन ने कहा कि भारत ऐसे महत्वपूर्ण समय में जी20 की अध्यक्षता करने जा रहा है, जब दुनिया कई बाधाओं का सामना कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन हालात में, भारत की अध्यक्षता का मकसद निकट अवधि में व्यापक आर्थिक कमजोरियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। ये मुद्दे खाद्य और ऊर्जा असुरक्षा से संबंधित हैं।’’

उन्होंने कहा कि ये चुनौतियां ऊर्जा बुनियादी ढांचे में निवेश और भू-राजनीतिक घटनाक्रम से प्रेरित हैं।

नागेश्वरन ने कहा कि इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी जैसी वर्चुअल मुद्रा (आभासी संपत्ति) से निपटने के लिए वैश्विक सहमति विकसित करने के प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता के दौरान सर्वसम्मति पर आधारित समाधान की पहचान करने, वैश्विक समुदाय की प्रतिक्रिया के पैमाने और दायरे को तेज करने और विकासशील देशों के लिए बफर तथा सुरक्षा व्यवस्था करने पर ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि आभासी संपत्ति के विनियमन और सीमापार धनप्रेषण जैसी चुनौतियों का भी समाधान खोजना है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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