तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (माकपा) ने मंगलवार को विपक्ष की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें संविधान की आलोचना करने को लेकर केरल के मंत्री साजी चेरियन के इस्तीफे की मांग की गई है। चेरियन द्वारा संविधान की आलोचना पर सफाई देते हुए माकपा ने इसे महज जुबान का फिसलना करार दिया।
माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य एम ए बेबी ने कहा कि मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जो पार्टी के केरल राज्य सचिवालय के सदस्य भी हैं। उन्होंने बताया कि संविधान के खिलाफ कोई आलोचना नहीं की गई थी।
बेबी ने कहा कि उनकी जुबान फिसल गई होगी। सफाई देते हुए मंत्री ने कहा कि उनका आशय देश में प्रचलित वर्तमान सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था से था। बेबी ने कहा कि चेरियन ने बताया कि उन्होंने संविधान के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा है।
नयी दिल्ली में मलयालम मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बेबी ने कहा कि हो सकता है कि मंत्री की टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया हो, इसलिए उनसे इस्तीफा मांगने की कोई आवश्यकता नहीं है।
चेरियन ने पथनमथिट्टा जिले में एक पार्टी समारोह को संबोधित करने के दौरान संविधान की कड़ी आलोचना करते हुए कथित तौर पर कहा कि यह ‘शोषण को माफ करता है’ और इसे इसे रूप में लिखा गया है कि यह देश के लोगों को ‘लूटने’ में मदद करता है। विपक्ष ने मंत्री के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है।
भाषा संतोष दिलीप
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