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Saturday, 30 August, 2025
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ऐसा समाज न बने कि विधवा और निराश्रित महिला आश्रय की जरूरत पड़े : राष्ट्रपति

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मथुरा (उत्तर प्रदेश), 27 जून (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधवा महिलाओं के प्रति समाज में व्याप्त कुप्रथाओं का जिक्र करते हुए सोमवार को कहा कि वह एक ऐसे समाज की कल्पना करते हैं, जिसमें विधवा और निराश्रित महिला आश्रय सदनों का निर्माण करने की जरूरत न पड़े।

कोविंद ने अपनी वृन्दावन यात्रा के दौरान केंद्र सरकार के सहयोग से विधवा एवं निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास के लिए निर्मित ‘कृष्णा कुटीर’ आश्रय सदन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हमारा समाज सदियों से चली आ रही कुप्रथाओं को दरकिनार कर विधवा, परित्यक्त एवं निराश्रित महिलाओं को इस प्रकार स्वीकार करे कि उन्हें फिर किसी अन्य स्थान पर जाकर किसी के आश्रय में न रहना पड़े और वे परिवार के अन्य सदस्यों की तरह ही उनके साथ मिल-जुलकर रहें।

राष्ट्रपति वृन्दावन में ‘कृष्णा कुटीर’ आश्रय सदन में प्रवास कर रहीं विधवा एवं निराश्रित महिलाओं के बारे में जानने-समझने पहुंचे थे।

उन्होंने कहा ”मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि यहां विधवा माताएं भारतीय समाज की आम धारणा के विपरीत रंगीन साड़ियों में दिख रही हैं। यह उनके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन है। पता नहीं किन कारणों से समाज ने इन्हें आम जीवन को त्यागकर श्वेतवस्त्र धारी के रूप में तमाम बंदिशें लगाकर एक नीरस जीवन जीने के लिए अभिशप्त कर दिया था।”

कोविंद ने बीसवीं सदी में विधवा उद्धार की दिशा में बड़ा कदम उठाने वाले बंगाल के प्रसिद्ध समाज सुधारक राजा राममोहन राय का हवाला देते हुए कहा कि सुलभ इण्टरनेशनल के संस्थापक डॉ. बिन्देश्वरी पाठक भी उसी दिशा में इन महिलाओं के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें भी अपनी सोच को समय के अनुसार बदलना चाहिए। उनके जीवन में यह परिवर्तन बरकरार रहना चाहिए।

राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने इस मौके पर कहा कि किसी समय औरों के लिए भजन-कीर्तन कर जीवन-यापन करने वाली माताएं अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं और अपनी आय के स्रोत पैदा कर रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने हर बड़े शहर में इसी प्रकार के आश्रयों का निर्माण करने का निर्णय किया है, जिससे किसी भी महिला को विपरीत परिस्थितियों में दर-दर न भटकना पड़े ।

इस मौके पर राष्ट्रपति ने इन महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की स्टॉल पर जाकर सभी का मुआयना किया और उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर उनके प्रयासों के लिए बधाई भी दी।

राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को साड़ी एवं ‘वेलनेस किट’ भी भेंट किए। महिलाओं ने भी अपनी ओर से राष्ट्रपति को भगवान पर चढ़ाए गए फूलों को सुखाकर बनाए गए रंग एवं अगरबत्ती के पैकेट भेंट किए।

इससे पहले, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद और बेटी स्वाति के साथ ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में पूजा—अर्चना की।

इस बीच, राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर वृन्दावन को छावनी में तब्दील कर दिया गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान मुस्तैद थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि रविवार शाम से ही वृन्दावन में भारी वाहनों के प्रवेश एवं मंदिर क्षेत्र में स्थानीय वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी, यह रोक राष्ट्रपति के यहां से रवाना होने के बाद ही समाप्त होगी।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा में दो उप महानिरीक्षक, आठ पुलिस अधीक्षक, 12 अपर पुलिस अधीक्षक सहित आगरा जोन के 28 पुलिस उपाधीक्षक भी लगाए गए हैं। मंदिर तक पहुंचने वाले हर रास्ते एवं वहां से कृष्णा कुटीर तक के राष्ट्रपति के गुजरने के पूरे मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

भाषा सं. सलीम

रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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