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Thursday, 9 April, 2026
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कर्नाटक में कोरोना मामलों में वृद्धि का कारण ओमीक्रोन स्वरूप : जीनोम अनुक्रमण परीक्षण

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बेंगलुरु, 22 जनवरी (भाषा) कर्नाटक में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच राज्य में किए गए जीनोम अनुक्रमण परीक्षणों से पता चलता है कि इसकी मुख्य वजह वायरस का ओमीक्रोन स्वरूप है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के. सुधाकर ने बुधवार को ट्वीट किया कि कोविड लक्षणों वाले ज्यादातर लोग कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के बीए.2 उप स्वरूप से संक्रमित हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘कर्नाटक में कौन सा स्वरूप हावी है? जीनोम अनुक्रमण नमूने के अनुसार : मार्च 2021 – दिसंबर 2021 के बीच 90.7 प्रतिशत डेल्टा, जनवरी 2022 – अप्रैल 2022 के बीच 87.80 प्रतिशत ओमीक्रोन, मई 2022 – जून 2022 के बीच 99.20 प्रतिशत ओमीक्रोन।’’

सुधाकर के अनुसार, ओमीक्रोन के विभिन्न उप स्वरूपों में अभी बीए.1.1.529 और बीए.1 के मामले घटकर क्रमशः 8.60 प्रतिशत और 0.04 प्रतिशत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन मई से बीए.2 उप स्वरूप के मामले 80.60 प्रतिशत से बढ़कर 89.40 प्रतिशत हो गये हैं।

सुधाकर ने कहा कि नए स्वरूप बीए.3, बीए.4 और बीए.5 – अपने शुरुआती चरणों में देखे गए हैं।

भाषा अविनाश मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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