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Thursday, 19 March, 2026
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विदेशी बाजारों के टूटने से खाद्य तेल कीमतों में गिरावट

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नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) विदेशी बाजारों में मंदी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, बिनौला, सीपीओ, पामोलीन तेल की थोक कीमतों में आई, जबकि मंडियों में आवक कम होने के बीच सरसों तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर टिके रहे।

बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट रही जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में लगभग एक प्रतिशत की गिरावट है।

सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक निरंतर घटने लगी है और लगभग ढाई लाख से 2.70 लाख बोरी की रोजाना आवक है जबकि पिछले साल जून में यह लगभग पांच लाख बोरी थी। बरसात के साथ सरसों की मांग बढ़ेगी और जिस तरह से इस बार आरंभ से सरसों की खपत बढ़ी है, उससे आगे जाकर सरसों के मामले में दिक्कतें आ सकती हैं। आयातित तेलों के महंगा होने तथा बाकी तेलों के मुकाबले सस्ता होने के कारण इस बार सरसों का भारी मात्रा में रिफाइंड बना और आयातित तेलों की कमी को सरसों की नयी पैदावार से रिफाइंड बनाकर पूरा करने की कोशिश की जाती रही।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन तेल-तिलहन, पामोलीन, सीपीओ, मूंगफली, सूरजमुखी तेलों के थोक भाव में काफी नरमी आई है लेकिन सरकार को इस बात की ओर ध्यान देना होगा कि जमीनी स्तर पर इस गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं को मिल रहा है या नहीं। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने इस वस्तुस्थिति की ओर ध्यान नहीं दिया तो देश में तेल-तिलहन उत्पादन नहीं बढ़ पायेगा। सरकार को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की आड़ में महंगे दामों पर उपभोक्ताओं को की जाने वाली बिक्री को रोकने के लिए सख्ती बरतनी होगी।

सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी, मूंगफली और सोयाबीन तेलों के थोक दाम में 12-15 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आई है और आम उपभोक्ताओं को थोक कीमत की इस गिरावट का लाभ मिलना चाहिये।

मांग होने के बीच सामान्य कारोबार के दौरान सरसों तेल-तिलहन के भाव पूर्ववत रहे। बिनौला में कारोबार खत्म हो चुका है।

सूत्रों ने कहा कि तेल-तिलहन के आयात पर भारत को काफी विदेशी मुद्रा खर्च करनी होती है और निरंतर तेल संकट बना रहता है। ऐसे में समस्या का स्थायी समाधान देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाना ही हो सकता है।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,465-7,515 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,740 – 6,875 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,750 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,630 – 2,820 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,380-2,460 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,420-2,525 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,800 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 6,750-6,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 6,450- 6,550 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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