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Friday, 24 April, 2026
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बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अधिग्रहीत जमीन के लिए मुआवजा राशि से आयकर नहीं काटा जा सकता: अदालत

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मुंबई, 10 जून (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने कहा है कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) द्वारा अधिग्रहीत जमीन के लिए मुआवजे के माध्यम से दी गयी राशि से आयकर नहीं काटा जा सकता।

न्यायमूर्ति एस वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति एम जी सेवलीकर की खंडपीठ ने सीमा पाटिल की याचिका पर बृहस्पतिवार को यह व्यवस्था दी। पाटिल ने एनएचएसआरसीएल द्वारा परियोजना के लिए ठाणे जिले के भिवंडी में उनकी जमीन का अधिग्रहण किए जाने के बाद काटे गए आयकर के रिफंड का अनुरोध किया है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता की जमीन एक सार्वजनिक परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गयी है और निजी तौर पर बातचीत के माध्यम से संपत्ति की खरीद की अनुमति किसी सरकारी परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए दी गयी है।

पीठ ने कहा, ‘‘अगर दोनों पक्ष बातचीत और सीधी खरीद के लिए सहमत नहीं होंगे, तब अनिवार्य अधिग्रहण किया जा सकता है।’’

इसने कहा, ‘‘मुआवजा राशि के लिए मौजूदा मामले में कोई आयकर नहीं काटा जा सकता। इसलिए, एनएचएसआरसीएल याचिकाकर्ता को दिए गए मुआवजे से टीडीएस नहीं काट सकता।’’

भाषा वैभव नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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