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Saturday, 14 March, 2026
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नेपाल ने भारत को अतिरिक्त 144 मेगावॉट बिजली का निर्यात शुरू किया

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काठमांडू, पांच जून (भाषा) नेपाल ने कालीगंडकी जलविद्युत संयंत्र से अपने बिजली विनिमय बाजार के जरिये अतिरिक्त 144 मेगावॉट बिजली का भारत को निर्यात करना शुरू कर दिया है।

नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के अनुसार, इस साल अच्छी बारिश होने से हिमालयी राष्ट्र लगातार दूसरे वर्ष अपने बिजली एक्सचेंज बाजार के माध्यम से भारत को अधिशेष बिजली बेच रहा है।

एनईए के उप-प्रमुख प्रदीप ठिके के अनुसार, बिजली बिक्री की औसत कीमत लगभग सात रुपये है।

एनईए ने अपने कालीगंडकी जलविद्युत संयंत्र से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली का निर्यात शनिवार मध्यरात्रि से भारत को करना शुरू किया है।

ठिके ने कहा कि नेपाल-भारत बिजली एक्सचेंज करार के तहत भारत को बिजली का निर्यात किया जा रहा है।

एनईए ने इससे पहले त्रिशुली संयंत्र से उत्पन्न 24 मेगावॉट और देवीघाट बिजली संयंत्र से उत्पन्न हुई 15 मेगावॉट बिजली यानी कुल लगभग 37.7 मेगावॉट बिजली बुधवार को भारत को बेचनी शुरू की थी।

ठिके ने कहा, ‘‘144 मेगावॉट की कालीगंडकी जलविद्युत परियोजना से उत्पन्न बिजली को जोड़ने के बाद नेपाल, इंडिया एनर्जी एक्सचेंज लिमिटेड (आईईएक्स) के माध्यम से भारत को कुल 178 मेगावॉट बिजली बेचेगा।’’

छह अप्रैल को भारत ने एनईए को चार पनविद्युत परियोजनाओं – कालीगंडकी (144मेगावॉट), मध्य मार्सियांगडी (70मेगावॉट) और मर्सियांगडी (69 मेगावॉट) से उत्पन्न अतिरिक्त 325 मेगावॉट के साथ ही निजी क्षेत्र द्वारा विकसित 52.4 मेगावॉट क्षमता की लिखु-4 जलविद्युत परियोजना को बिजली बेचने की अनुमति दी थी।

यह लगातार दूसरा साल है जब नेपाल अपने एक्सचेंज बाजार के माध्यम से भारत को बिजली बेच रहा है। नेपाल में मानसून की शुरुआत के साथ जल विद्युत संयंत्र हिमालयी नदियों में ऊंचे जल स्तर से अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर रहे हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की हाल की भारत यात्रा के दौरान नेपाल को भारतीय ऊर्जा बाजार में 364 मेगावॉट बिजली निर्यात करने के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिली थी।

भारत के बिजली मंत्रालय के तहत आईईएक्स ने एनईए को भारतीय बिजली-एक्सचेंज बाजार में कारोबार के लिए अतिरिक्त 326 मेगावॉट की आपूर्ति करने की अनुमति दी थी।

एनईए के अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल नवंबर के मध्य तक भारत को बिजली निर्यात करने में सक्षम होगा। मौजूदा व्यवस्थाओं के आधार पर वह अगले साढ़े पांच महीने की अवधि में भारतीय बाजार से 14 अरब नेपाली रुपये तक कमा सकता है।

भाषा रिया अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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