(सुदीप्तो चौधरी)
कोलकाता, दो जून (भाषा) केके बहुत अधिक लोगों से मिलते-जुलते नहीं थे और काम के बाद सीधे अपने घर चले जाते थे। यह जानकारी उनके करीबी मित्र और संगीत निर्देशक राणा मजूमदार ने उन्हें याद करते हुए बृहस्पतिवार को दी।
बॉलीवुड गायक केके का कोलकाता में कंसर्ट के दौरान निधन हो गया था।
मुंबई में मौजूद मजूमदार ने ‘‘ पीटीआई-भाषा’ से फोन पर की गई बातचीत में भावुक होते हुए कहा कि केके ने उनसे नजरुल मंच कंसर्ट में साथ चलने को कहा था, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया था।
मजमूदार ने केके को याद करते हुए कहा, ‘‘आखिरी बार हमारी बात चार दिन पहले हुई थी। हमने फिल्म पर चर्चा की और उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं कोलकाता उनके साथ प्रस्तुति देने जाना पसंद कंरूगा।उन्होंने पूछा, ‘‘बडी आएगा क्या? मैंने कहा, ‘‘नहीं-नहीं, आप जाओ और जल्दी आओ, जल्दी वापस आओ, फिर मिलेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उनके साथ जाना चाहिए था क्योंकि मैं जाता तो उन्हें बचा सकता था। मैं अपने आप को कभी माफ नहीं कर सकता।’’
मजूमदार ने बताया कि केके पार्टी में भी जाने से परहेज करते थे और वह काम के बाद सीधे परिवार के पास जाते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ केके पार्टी करने वाले लोगों में शामिल नहीं थे और कभी लोगों से ज्यादा मिलते जुलते नहीं थे। उनके बहुत अधिक दोस्त नहीं थे और वह काम के बाद सीधे अपने घर जाते थे। नामांकित होने के बावजूद वह पुरस्कार समारोहों में नहीं जाते थे।’’
मजूमदार ने बताया कि केके से उनकी पहली बार मुलाकात वर्ष 2005 में फिल्म ‘गैंगस्टर’ के लिए गाना ‘‘तू ही मेरी शब है’’ के दौरान हुई थी।
उस समय सहायक संगीत निर्देशक के तौर पर काम कर रहे मजूमदार ने बताया, ‘‘प्रीतम ने मुझे ‘‘ तू ही मेरी शब है’’ गाने को देखने को कहा था और मैं बहुत उत्साहित था। यह हमारी पहली मुलाकात थी और हम दोस्त बन गए।’’
मजूमदार ने यह भी बताया कि कैसे रिकॉर्डिंग में हुई देरी की वजह से केके और उनकी पत्नी की वर्ष2008 के मुंबई हमले के दौरान जान बची थी।
उन्होंने बताया, ‘‘केके ने 26 नवंबर 2008 की रात पत्नी को ताज होटल रात के खाने पर ले जाने की योजना बनाई थी। लेकिन उस दिन रिकॉर्डिंग में देरी होने की वजह से वह वहां नहीं जा सके। बाद में हमें वहां पर हमले की जनकारी मिली।’’
भाषा धीरज नरेश
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